Kullu-Manali Adventure Activities Resume: मॉनसून की वजह से ट्रेवल करना मुश्किल हो जाता है और इस वजह से कई टूरिस्ट स्पॉट पर जाने पर पाबंदी भी लग जाती है. घूमने का सोचते ही लोग सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के बारे में ही सोचते हैं, जहां सिर्फ झरने, पहाड़ और पहाड़ी खाने के अलावा कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटी करने का भी मौका मिलता है. मगर पिछले दो महीने से मनाली में होने वाली राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग बंद थी, लेकिन अब एडवेंचर एक्टिविटी एक बार फिर से शुरू हो चुकी हैं.
कुल्लू और मनाली अपनी खूबसूरती के साथ-साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी लोगों के बीच काफी पॉपुलर हैं. डोभी और सोलंग वैली में पैराग्लाइडिंग का मजा लिया जा सकता है, जबकि राफ्टिंग साइट बबेली में ब्यास नदी में राफ्टिंग के लिए टूरिस्ट पहुंचते हैं. अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं और एडवेंचर करना पसंद करते हैं तो दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश की इन बेहतरीन जगहों की सैर कर सकते हैं.
सोलंग वैली
मनाली से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित सोलंग वैली एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के बीच काफी पॉपुलर है. यहां मौसम के हिसाब से पैराग्लाइडिंग समेत कई एक्टिविटीज का मजा लिया जा सकता है. बर्फबारी के दौरान यह जगह स्कीइंग के लिए भी जानी जाती है. पहाड़ों के बीच पैराग्लाइडिंग करते हुए घाटी का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है.
बीर-बिलिंग
मनाली के अलावा हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग का नाम आते ही बीर-बिलिंग का नाम लोगों के दिमाग में सबसे पहले आता है, यह एक बेहद ही सुंदर जगह है और पैराग्लाइडिंग करने दुनियाभर से लोग यहां आते हैं. बीर लैंडिंग साइट और बिलिंग टेक-ऑफ साइट के लिए मशहूर है, यहां ऊंचाई से उड़ान भरते हुए धौलाधार की पहाड़ियों और आसपास की हरियाली का खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है.
तत्तापानी, शिमला
हिमाचल के शिमला से करीब 50 किलोमीटर दूर तत्तापानी भी एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए जाना जाता है. सतलुज नदी के किनारे बसा यह इलाका खासतौर पर रिवर राफ्टिंग के लिए फेमस है. यहां नदी की लहरों के बीच राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं. इसके अलावा तत्तापानी अपने गर्म पानी के प्राकृतिक झरनों के लिए भी जाना जाता है, इसलिए यहां घूमने के साथ एडवेंचर और रिलैक्सेशन दोनों का लुफ्त आप साथ में उठा सकते हैं.
ब्यास नदी में राफ्टिंग
राफ्टिंग पसंद करने वाले टूरिस्ट कुल्लू में ब्यास नदी का रुख कर सकते हैं. बबेली, पिर्डी और रायसन जैसे इलाकों में राफ्टिंग कराई जाती है. मॉनसून के दौरान नदी के पानी का लेवल बढ़ने और मौसम खराब होने की वजह से इस तरह की एक्टीविटीज पर रोक लगा दी जाती है, लेकिन मौसम के नॉर्मल होने के बाद इन्हें दोबारा शुरू किया जाता है.
ट्रिप से पहले मौसम जरूर देखें
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क