ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो देश छोड़कर अमेरिका चले गए हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक, रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद बोल्सोनारो अमेरिका के लिए रवाना हो गए. ब्राजील की फेडरल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बोल्सोनारो ने देश से बाहर जाने के लिए किसी नियमित इमिग्रेशन चेकपॉइंट का इस्तेमाल नहीं किया है.
राष्ट्रपति चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अप्रत्याशित नतीजों में उन्हें वामपंथी मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से हार का सामना करना पड़ा.
सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने का दिया था आदेश
सोमवार को ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने फ्लावियो बोल्सोनारो को 24 घंटे के भीतर अपने पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था. यह आदेश मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के सिलसिले में दिया गया था. हालांकि, बोल्सोनारो ने अपने ऊपर लगे गलत काम करने के आरोपों से इनकार किया है. सूत्रों के मुताबिक, पासपोर्ट जमा करने की समयसीमा समाप्त हो चुकी है और आदेश का पालन नहीं करने के कारण उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं.
इस मामले पर ब्राजील स्थित अमेरिकी दूतावास से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला. वहीं, बोल्सोनारो के वकील ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
पिता भी चुनाव हारने के बाद गए थे अमेरिका
फ्लावियो बोल्सोनारो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो भी 2022 में लूला से राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद अमेरिका चले गए थे. उन्होंने उस समय चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. हालांकि, जायर बोल्सोनारो बाद में ब्राजील लौट आए थे. इसके बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में उन्हें 27 साल की सजा सुनाई गई थी.
अब उनके बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो भी राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद अमेरिका चले गए हैं.
चुनाव परिणाम रद्द कराने की मांग कर चुके हैं बोल्सोनारो
फ्लावियो बोल्सोनारो ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी चुनावी हार स्वीकार नहीं की है. रविवार को उन्होंने कथित मतदान अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव परिणाम रद्द कराने की मांग करने की बात कही थी. हालांकि, उनकी लिबरल पार्टी ने सोमवार को राष्ट्रपति लूला की जीत को स्वीकार कर लिया.
बोल्सोनारो परिवार के अनौपचारिक प्रवक्ता की भूमिका निभाने वाले दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर पाउलो फिगुएरेडो ने भी फ्लावियो के ठिकाने के बारे में सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया.
उन्होंने एक संदेश में कहा कि कई महीनों की कड़ी मेहनत के इस तरह विफल होने के बाद उनका मीडिया से बात करने का मन नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले में उन्हें कोई टिप्पणी करनी होगी, तो वह खुद संपर्क करेंगे.
छोटे भाई ने चुनाव से पहले दिया था देश छोड़ने का सुझाव
फ्लावियो बोल्सोनारो के छोटे भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो अमेरिका में रहते हैं. उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही कहा था कि अगर उनके भाई चुनाव हार जाते हैं, तो उन्हें ब्राजील छोड़ देना चाहिए. इस महीने पॉडकास्टर स्टीवन क्राउडर से बातचीत में एडुआर्डो ने कहा था, 'अगर मेरा भाई नहीं जीतता है, तो मैं उसके देश छोड़ने के पक्ष में हूं.'