Famous Forts in Rajasthan: राजस्थान अपनी शाही विरासत, भव्य महलों और ऐतिहासिक किलों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. यहां मौजूद कई किले आज भी राजपूत शासकों के शौर्य, समृद्ध संस्कृति और शानदार वास्तुकला की कहानी बयां करते हैं. यही वजह है कि राजस्थान के पहाड़ी किले पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं. अगर आप भी इतिहास को करीब से जानना चाहते हैं और घूमने-फिरने के शौकीन हैं तो राजस्थान के इन 5 पहाड़ी किलों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें.
आमेर किला (Amer Fort)
जयपुर में स्थित आमेर किला राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है. 16वीं शताब्दी में राजा मान सिंह प्रथम द्वारा बनवाया गया यह किला राजपूत और मुगल वास्तुकला का शानदार उदाहरण है. किले का शीश महल अपनी खूबसूरत कांच की नक्काशी के लिए खास तौर पर जाना जाता है. इसके अलावा यहां होने वाला लाइट एंड साउंड शो भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है.
मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort)
जोधपुर शहर से लगभग 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित मेहरानगढ़ किला भारत के सबसे भव्य किलों में गिना जाता है. साल 1459 में राव जोधा द्वारा बनवाए गए इस किले से पूरे ब्लू सिटी का शानदार नजारा दिखाई देता है. किले के अंदर मौजूद मोती महल, फूल महल और म्यूजियम पर्यटकों के बीच काफी फेमस हैं.
चित्तौड़गढ़ किला (Chittorgarh Fort)
लगभग 700 एकड़ में फैला चित्तौड़गढ़ किला भारत के सबसे बड़े किलों में शामिल है. यह किला राजपूत वीरता, त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है. रानी पद्मिनी और जौहर की ऐतिहासिक कहानियों से जुड़ा यह किला इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां स्थित विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ, महल और मंदिर देखने लायक हैं.
कुंभलगढ़ किला (Kumbhalgarh Fort)
अरावली की पहाड़ियों में स्थित कुंभलगढ़ किला अपनी विशाल दीवारों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा द्वारा बनवाए गए इस किले की दीवार लगभग 36 किलोमीटर लंबी है, जिसे दुनिया की दूसरी सबसे लंबी निरंतर दीवार माना जाता है. शांत वातावरण और खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा इसे पर्यटकों की पसंदीदा जगह बनाते हैं.
जैसलमेर किला (Jaisalmer Fort)
जैसलमेर किला दुनिया के चुनिंदा 'लिविंग फोर्ट' में शामिल है, जहां आज भी लोग रहते हैं. साल 1156 में रावल जैसल द्वारा बनवाया गया यह किला थार रेगिस्तान के बीच स्थित है. पीले बलुआ पत्थरों से बना यह किला सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सुनहरे रंग में चमकता है, इसलिए इसे 'सोनार किला' या 'गोल्डन फोर्ट' भी कहा जाता है. यहां की संकरी गलियां, मंदिर, दुकानें और पारंपरिक संस्कृति पर्यटकों को अनोखा अनुभव देती हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क