Uber ने 3,300 लोगों को नौकरी से निकाला, आखिर क्यों लिया इतना बड़ा फैसला? AI रोबोटैक्सी पर बढ़ेगा फोकस

Uber ने 3,300 कर्मचारियों की छंटनी का बड़ा फैसला लिया है. कंपनी अब कम लोगों और कम मैनेजमेंट के साथ तेजी से काम करना चाहती है, वहीं AI और रोबोटैक्सी के भविष्य पर भी बड़ा दांव लगा रही है.

Advertisement

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:53 PM IST

एक ऐसी कंपनी जिसका बिजनेस अच्छा चल रहा है, कमाई बढ़ रही है और फ्यूचर में बड़े मौके दिखाई दे रहे हैं. वही कंपनी अचानक अपने करीब 3,300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दे. सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन उबर ने ऐसा ही किया है.

Uber ने दुनियाभर में अपने करीब 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है. कंपनी के CEO Dara Khosrowshahi ने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इसकी वजह बताई है. उनके मुताबिक उबर को अब पहले से ज्यादा तेज और आसान तरीके से काम करने की जरूरत है. अब सवाल है कि आखिर उबर को इतनी बड़ी छंटनी की जरूरत क्यों पड़ी? आइए, जानते हैं इसके बारे में.

Advertisement

जानिए क्यू कंपनी ने की चटनी

दरअसल, पिछले 5 साल में उबर काफी बड़ा हो गया है. कंपनी ने कई नए प्रोडक्ट और बिजनेस शुरू किए और तेजी से अपना कंपनी को बड़ा किया. लेकिन कंपनी के साथ एक दिक्कत भी बढ़ती गई. जैसे-जैसे उबर बड़ा हुआ, वैसे-वैसे कंपनी में मैनेजमेंट की लेयर और टीमों की संख्या भी बढ़ती गई.

इसका असर ये हुआ कि कई फैसले लेने में जरूरत से ज्यादा समय लगने लगा. कई टीमों के बीच मीटिंग और कोऑर्डिनेशन ज्यादा होने लगा और काम की जिम्मेदारी भी कई जगह साफ नहीं थी. सीईओ के मुताबिक, कर्मचारी कई बार काम करने से ज्यादा समय आपस में कोआर्डिनेशन करने में लगा रहे थे. इसी को ठीक करने के लिए उबर ने करीब 3,300 लोगों की नौकरी खत्म करने का फैसला किया है.

Advertisement

कंपनी ने खास तौर पर मैनेजमेंट की कई लेयर कम की हैं. सीईओ से सात या उससे ज्यादा लेयर नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 20 फीसदी तक कम की गई है. वहीं, ऐसी छोटी टीम जिनमें सिर्फ एक या दो लोग काम करते थे, उनकी संख्या भी करीब आधी कर दी गई है.

यह भी पढ़ें: ₹1,000 में पुराना लैपटॉप बनाएं नया! Jio ने लॉन्च की खास सर्विस

जानिए सबसे बड़ा टेक एंगल AI 

उबर आने वाले समय में ऑटोनॉमस यानी बिना ड्राइवर वाली कारों के बिजनेस पर बड़ा दांव लगा रही है. कंपनी को पता है कि आने वाले समय में रोबॉटॉक्सी का बाजार तेजी से बढ़ सकता है. ऐसे में उबर अपने पैसे और रिसोर्सेज को इस नई टेक्नोलॉजी की तरफ लगाना चाहती है.

उबर का प्लान है जहां कंपनी को लगता है कि ज्यादा लोगों और ज्यादा मैनेजमेंट की जरूरत नहीं है, वहां खर्च कम करो और बचाए गए रिसोर्सेज को फ्यूचर की टेक्नोलॉजी में लगाओ. कंपनी ने खुद कहा है कि इस बदलाव से बचने वाली कैपेसिटी को ग्रोथ, इनोवेशन और ऑटोनोमस फ्यूचर में लगाया जाएगा.

यह भी पढ़ें: Apple के न्यू बॉस को मिलती है कितनी सैलरी? Tim Cook से इतनी है अलग

वर्क फ्रॉम होम में बड़ा बदलाव

Advertisement

सिर्फ छंटनी ही नहीं, उबर ने वर्क फ्रॉम होम को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है. आगे कंपनी के करीब सिर्फ 1 फीसदी कर्मचारी ही पूरी तरह रिमोट काम कर पाएंगे. ज्यादातर कर्मचारियों को ऑफिस से काम करना होगा और कंपनी अपनी तीन दिन ऑफिस वाली हाइब्रिड पालिसी को जारी रखेगी.

खास बात ये है कि उबर के सीईओ ने इस बार सीधे तौर पर ये नहीं कहा कि AI की वजह से लोगों की नौकरी जा रही है. बल्कि उनका कहना है कि कंपनी बहुत ज्यादा काम्प्लेक्स हो गया था और अब इसे छोटा और तेज बनाना जरूरी है.

लेकिन AI का असर आने वाले समय में उबर पर जरूर दिखाई दे सकता है. क्योंकि अगर रोबोटैक्सी का दौर तेजी से बढ़ता है, तो उबर को अपने बिजनेस मॉडल में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »