Jio Vs Starlink: भारत में अधिकतर हिस्सों में फाइबर केबल के जरिए इंटरनेट पहुंच चुका है. वहीं, चंद इलाके ऐसे हैं जहां फाइबर केबल बिछाना मुश्किल है, अब वहां सैटेलाइट बेस्ट इंटरनेट सर्विस पहुंचेगी. इसके लिए भारत सरकार तीन कंपनियों को लाइसेंस दे चुकी है.
लाइसेंस पाने वाली तीन कंपनियों में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो, Elon Musk का स्टारलिंक और एयरटेल के वनवेब के नाम शामिल हैं. आने वाले दिनों में सिक्योरिटी फेज और स्पैक्ट्रम नीलामी के बाद वे भारत में अपनी सर्विस शुरू करेंगे.
अब सवाल आता है कि सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट और फाइबर केबल के जरिए मिलने वाले इंटरनेट में क्या अंतर है और कीमत क्या होगी. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
फाइबर केबल और स्टारलिंक की कीमत में अंतर
भारत में फाइबर केबल के जरिए रिलायंस जियो और एयरटेल आदि इंटरनेट प्रोवाइड कराते हैं. दोनों के शुरुआती प्लान की बात करें तो 100mbps की स्पीड वाला प्लान 599 रुपये में आता है.
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भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस की अभी कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन स्टारलिंक अमेरिका समेत कई देशों में अपनी सर्विस दे रही हैं.
अमेरिका के शिकागो में स्टारलिंक का शुरुआती रेजिडेंशियल प्लान 60.50 अमेरिकी डॉलर (करीब 5600 रुपये) मंथली है, जिसमें 100mbps की स्पीड मिलती है.
फाइबर और सैटेलाइट इंटरनेट का इंस्टॉलेशन चार्जेस
भारत में फाइबर केबल के जरिए मिलने वाले इंटरनेट की इंस्टॉलेशन लगभग मुफ्त होती है. कंपनियां 3 महीने के प्लान के साथ इंस्टॉलेशन कॉम्प्लीमेंट्री देती हैं.
सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट के लिए घर के ऊपर एक टर्मिनेटर लगाना होगा. स्टारलिंक के अमेरिका के पोर्टल पर बताया है कि हार्डवेयर कॉस्ट जीरो है, जब भी स्टारलिंक की सर्विस कैंसिंल करेंगे तो हार्डवेयर रिटर्न करना होगा. जबकि प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन 99 अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में करीब 9 हजार रुपये होगी.
सैटेलाइट से कैसे घर तक पहुंचता है इंटरनेट?
स्टारलिंक सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट प्रोवाइड करने के मामले में बड़ा और पुराना प्लेयर है. स्टारलिंक अमेरिका समेत कई देशों में स्टारलिंक से सर्विस दे रहा है. स्टारलिंक ओ अर्थ ओर्बिट सैटेलाइट का ग्रुप आममान में स्थापित करता है. इसके बाद वे सभी सैटेलाइट मिलकर एक नेटवर्क तैयार करते हैं.
फिर स्टारलिंक घर के ऊपर एक टर्मिनेटर लगाता है, जो सीधा सैटेलाइट से आने वाले इंटरनेट सिग्नल को रिसीव करता है. फिर टर्मिनेटर केबल के जरिए एक Wifi राउटर से कनेक्ट होता है. यह वाईफाई राउटर घर के अंदर इंटरनेट प्रोवाइड कराता है.
सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट से किन इलाकों को फायदा
सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट की मदद से उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचेगा, जहां अभी तक फाइबर केबल नहीं पहुंच पाई है. भारत के पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचेगी. साथ ही रिमोट एरिया में रहने वाले लोगों और स्टूडेंट को इंटरनेट से ऑनलाइन पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी.
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Jio और Airtel का भारत में बड़ा यूजरबेस
भारत में रिलायंस जियो और एयरटेल का एक बड़ा यूजरबेस है. भारत में दोनों ही फाइबर केबल के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करा रहे हैं. अन्य देशों की तुलना में भारत में इंटरनेट सर्विस काफी सस्ती है.
भारतीय यूजर को फोकस सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं है बल्कि टेक्नोलॉजी के साथ उसकी कीमत पर ध्यान रहता है. अब भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस की कीमत क्या होगी, उसको लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं है.
रोहित कुमार