दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के एक केस में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने हरियाणा निवासी फतेहाबाद सुनील सिंगला को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गिरफ्तर ने किए शख्स पर कई गंभीर आरोप लगाए है, उपर फर्जी पहचान का इस्तेमाल करना, आपराधिक धमकी देने और जबरन वसूली जैसे कई केस में आरोपी बनाया है. ये केस लोगों को सतर्क करता है कि कैसे साइबर ठग फोन या वॉट्सऐप कॉल पर फर्जी पहचान बताकर लोगो के साथ ठगी का काम करते हैं.
यह मामला ई-एफआईआर नंबर 60001459/2025 (FIR नंबर 47/25), दिनांक 09.12.2025, धारा 08/318(4)/319/340 BNS, थाना क्राइम ब्रांच में शिकायतकर्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता द्वारका, दिल्ली में रहने वाले भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं.
साइबर ठग ने विक्टिम से संपर्क किया और खुद की पहचान छिपाते हुए नकली पहचान बताई. साइबर ठगों ने खुद को ATS, NIA और RBI अधिकारियों के रूप में बताया.
लाल किला के पास हुए विस्फोट से उनका कनेक्शन है
फिर विक्टिम को बताया कि हाल ही में दिल्ली में लाल किला के पास हुए विस्फोट से उनका कनेक्शन है. इसके बाद विक्टिम को फर्जी जानकारी दी और अलग -अलग केस की जानकारी और फिर उन्हें गिरफ्तारी करने की तक की फर्जी धमकी दे डाली.
साइबर ठगों ने विक्टिम को वॉट्सऐप के जरिए वीडियो कॉल की. फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. साइबर ठगों ने गंभीर आरोप और गिरफ्तारी का खौफ दिखाया. विक्टिम को मजबूर किया है कि उनके बैंक खाते में जो 30 लाख रुपये है वे उसे ट्रांसफर कर दें.
साइबर ठगी का केस दर्ज होने के बाद जब रकम को ट्रैक किया गया तो पता चला कि 15 लाख रुपये M/s Shri Balaji Tractor के नाम से ऑपरेट होने वाले बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं. जांच में सुनील सिंगला का नाम सामने आया है, जिसको गिरफ्तार किया जा चुका है.
अपराध का तरीका
साइबर फ्रॉड सिंडिकेट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम नाम का एक तरीका अपनाया. इसमें वे खुद को सरकारी या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते थे. फिर वे सामने वाले शख्स पर गंभीर आरोप लगाते हैं, उन्हें डराते और धमकाते थे.
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विक्टिम को आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर आरोपों में झूठ बोलकर फंसाया जाता था. गोपनीयता समझौते, RBI की पुष्टि और लीगलाइजेशन बॉन्ड जैसे फर्जी डॉक्यूमेंट को तैयार कर विक्टिम को भेजा था. फर्जी डॉक्यूमेंट को वॉट्सऐप के जरिए भेजा है.
पुलिस ने आगे जांच में पाया है कि वह बैंक खाता कई और साइबर ठगी के केस में शामिल है. अलग-अलग राज्यों में 7 अन्य साइबर फ्रॉड के केस में इस बैंक खाते का नाम शामिल है.
अरविंद ओझा