CJP प्रोटेस्ट और आदोलंनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट बंद होने की जानकारी है. ऐसे में बहुत से प्रदर्शनकारी ब्लूटूथ बेस्ड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने का प्रयास करने की संभावना जताई है. इस मौके पर नामचीन यूट्यूबर ध्रुव राठी ने लोगों से अपील की है, ऐसे ऐप्स को स्मार्टफोन में इंस्टॉल ना करें. इससे इंटरनेट बंद करने का मकसद बेकार हो सकता है.
अब सवाल आता है कि बिना इंटरनेट के ऐप्स कैसे काम करते है. यह ऐप BitChat App जैसे फॉर्मेट पर काम करते हैं. बिटचैट को जैक डॉर्सी ने तैयार किया है, जो ट्विटर के को फाउंडर रहे हैं.
बिटचैट जैसे ऐप, असल में डिसेंट्रीलाइज्ड और पियर टू पियर मैसेजिंग ऐप होते हैं. यह ऐप पहले आसपास मौजूद कंपेटेबल डिवाइसों को ब्लूटूथ लो एनर्जी के जरिए खोज सकता है. इसके दो हैंडसेट ब्लूटूथ के जरिए एक पुल तैयार करते हैं.
ध्रुव राठी का पोस्ट
ध्रुव राठी का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक पोस्ट को मेंशन करते हुए लोगों की सलाह दी है वे इन ऐप्स को इंस्टॉल ना करें. ध्रुव राठी ने जॉय नाम के शख्स का पोस्ट मेंशन किया है. शख्स ने लिखा है रिपोर्ट है कि कई जगह इंटरनेट ठप है.
उन ऐप्स के नाम Bridgefy (Android/ios) या Briar (Android) हैं, जिनका इस्तेमाल बहुत से लोग कम्युनिकेशन में करते हैं. ऐप ब्लूटूथ बेस्ड नेटवर्क पर काम करते हैं. पोस्ट के मुताबिक, ग्रुप कम्युनिकेशन के लिए इन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ऐसे में इंटरनेट को ब्लॉक करने का प्रयास असफल हो सकता है.
BitChat को ऐपल स्टोर से हटाया
ट्विटर के को फाउंडर और जैक डॉर्सी ने एक ऐप बिटचैटतैयार किया है, जो बिना इंटरनेट के काम करता है. यह एक पियर टू पियर ब्लूटूथ नेटवर्क बेस्ड मैसेजिंग ऐप है. इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती है.
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यहां कुछ मोबाइल के ब्लूटूथ आपस में कनेक्ट होकर एक नेटवर्क तैयार करते हैं, इसके बाद फोन आपस में कम्युनिकेशन कर सकते हैं. कुछ सप्ताह पहले सीजेपी प्रोटेक्शन में प्रद्रशनकारियों ने Bitchat का इस्तेमाल किया था, जिसकी जानकारी भी सामने आई थी. यह ऐप बिना इंटरनेट के काम करता हैं
रोहित कुमार