संजय दत्त ने कहा- मेरे बारे में बोलते वक्त 93 ब्लास्ट का जिक्र न करें

फिल्मों में सबका दिल जीतने वाले 'मुन्नाभाई' ने अपनी नेकदिली से जेल प्रशासन और कानून व्यवस्था का भी दिल जीता है, लिहाजा अदालत उन्हें सजा की मियाद (5 साल) से 8 महीने पहले ही रिहा कर दिया है.

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सिद्धिविनायक मंदिर में संजय दत्त सिद्धिविनायक मंदिर में संजय दत्त

स्‍वपनल सोनल

  • मुंबई,
  • 25 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

बॉलीवुड के मशहूर अभि‍नेता संजय दत्त आर्म्स एक्ट मामले में जेल से रिहा होने के बाद मुंबई स्थित अपने आवास पहुंच गए हैं. संजय दत्त ने अपने घर पर मीडिया से बात की और कहा कि सबसे अच्छा लगता है ये सुनना कि मैं आतंकी नहीं. मुझे अदालत ने टाडा के आरोपों से बरी किया है. संजय दत्त ने कहा कि मेरा नाम लेते वक्त 93 के धमाकों का जिक्र न किया जाए. पुणे की यरवदा जेल में सजा काट रहे संजय दत्त सुबह करीब पौने 9 बजे रिहा हुए और वहां से सीधे मुंबई के लिए रवाना हुए.

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मुंबई पहुंच कर उन्होंने सबसे पहले सिद्धिविनायक मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की उसके बाद अपनी मां की कब्र पर गए. वहां से वह अपने घर पहुंचे. उनके साथ उनकी पत्नी भी थीं. संजय दत्त के रिहा होने की खबर मिलते ही उनके आवास के बाहर प्रशंसक जमा हो गए. लोगों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया.

संजय दत्त मुंबई सीरियल धमाकों में अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए थे. फिल्मों में सबका दिल जीतने वाले 'मुन्नाभाई' ने अपनी नेकदिली से जेल प्रशासन और कानून व्यवस्था का भी दिल जीता है, लिहाजा अदालत उन्हें सजा की मियाद (5 साल) से 8 महीने पहले ही रिहा कर दिया है.

नीली कमीज में जेल से बाहर निकलने के बाद दत्त ने पीछे मुड़कर तिरंगे को सलाम किया. इसके बाद वह व्हाइट एसयूवी में बैठकर परिवार के साथ सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए. एयरपोर्ट पहुंचकर संजय दत्त ने जेल से रिहाई पर खुशी जताई और पहली प्रतिक्रिया के तौर पर कहा, 'दोस्तों! आजादी की राह इतनी आसान नहीं है.

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बहन प्रिया दत्त ने भाई की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए भावुक दिन है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'यकीन नहीं होता कि 23 साल पुराना केस खत्म हो गया है. यह भावुक दिन है. संजय को ताकत देना हमारी जिम्मेदारी है.' निर्माता-निर्देशक और संजय के दोस्त राजकुमार हिरानी ने कहा कि उन्हें दोस्त की रिहाई से बहुत खुशी है.

हालांकि, यरवदा जेल के बाहर गुरुवार सुबह से ही कुछ लोग अभिनेता की रिहाई का विरोध कर रहे थे. पुलिस ने एहतियात बरतते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. पुणे में जेल और मुंबई में संजय दत्त के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दत्त का परिवार लीगल टीम के साथ सुबह करीब 8 बजे जेल पहुंचा. दत्त के दोस्त और फिल्म निर्माता-निर्देशक राजकुमार हिरानी भी पुणे पहुंचे.

पुणे की होने के बाद संजय दत्त करीब 11 बजकर 30 मिनट पर मुंबई पहुंच गए. मुंबई पहुंचने के बाद दत्त और उनका परिवार ने सबसे पहले सिद्धिविनायक मंदिर जाकर बप्पा का दर्शन किया. इसके बाद 'संजू बाबा' मरीन लाइन के बड़े कब्रिस्तान अपनी पत्नी मान्यता के साथ गए. जहां उन्होंने मरहूम मां नरगिस की कब्र पर सिर झुकाया. उसके बाद में संजय दत्त मीडिया से बात करेंगे.

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देशभर में संजय दत्त के फैंस अपने चहेते अभि‍नेता की रिहाई से काफी खुश हैं. मुंबई में उनके घर के बाहर 'वेलकम बैक' से पोस्टर लगाए गए हैं.

जेल में कैदियों के लिए रेडियो जॉकी थे संजय दत्त
गौरतलब है कि 1993 मुंबई बम धमाकों के सिलसिले में संजय दत्त को 5 साल कैद की सजा हुई थी. हालांकि, सजा पूरी करने के 8 महीने पहले ही उनकी रिहाई रोकने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई होनी अभी बाकी है.

मई 2013 को संजय दत्त पुणे की यरवदा जेल पहुंचे थे. उनकी की तारीख मुकर्रर हुई, जो पूरी सजा से 8 महीने 16 दिन कम है. जेल में संजू बाबा कैदियों के लिए रेडियो जॉकी का काम करते थे.

ट्विटर पर भी ट्रेंड में संजय दत्त
इस बीच सोशल मीडिया पर बुधवार शाम से ही #SanjayDutt ट्रेंड में है. ट्विटर से लेकर फेसबुक तक हर जगह फैंस इस ओर अपनी राय और खुशी जाहिर कर रहे हैं.

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