स्पेन की महान टेनिस खिलाड़ी अरांत्सा सांचेज विकारियो ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा खुलासा किया है, जिसने फैन्स को चौंका दिया है. चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन ने अपने पूर्व पति जोसेप सांताकाना पर उनकी करोड़ों की संपत्ति खत्म करने का आरोप लगाया है.
एक स्पेनिश टीवी शो में बातचीत के दौरान विकारियो ने कहा कि उन्होंने अपने पति पर आंख बंद करके भरोसा किया था क्योंकि वह उनके दो बच्चों के पिता थे. लेकिन वही भरोसा उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ.
उन्होंने कहा, 'मैं उनसे अंधा प्यार करती थी. मुझे लगा था कि वह हमेशा मेरा साथ देंगे, लेकिन वह वैसे इंसान नहीं निकले, जैसा मैंने सोचा था. मैं सिर्फ टेनिस खेलती रही, पैसों की जिम्मेदारी पति को सौंप दी.' विकारियो ने बताया कि अपने पूरे करियर में उनका पूरा ध्यान सिर्फ टेनिस पर रहा. उन्होंने कभी अपने बैंक खाते, निवेश या वित्तीय मामलों को खुद नहीं संभाला.
इस पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी ने कहा, 'मुझे पैसों की ज्यादा समझ नहीं थी. इसलिए मैंने अपने पति पर भरोसा किया. मैं सिर्फ टेनिस खेलती रही और एक दिन पता चला कि करीब 31 मिलियन पाउंड (लगभग 400 करोड़ रुपये) की संपत्ति गायब हो चुकी है. आखिरकार पूरा बोझ मेरे ऊपर आ गया.'
साल 2023 में विकारियो और उनके पूर्व पति पर लक्जमबर्ग के एक बैंक का कर्ज चुकाने से बचने के लिए संपत्तियां छिपाने का आरोप लगा था. अदालत ने विकारियो को दो साल की निलंबित सजा (Suspended Sentence) सुनाई और बैंक को 55 लाख पाउंड लौटाने का आदेश दिया. पूर्व टेनिस स्टार ने कहा कि वह आज भी अपनी कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा बैंक को दे रही हैं, ताकि उन्हें जेल न जाना पड़े.
उन्होंने भावुक होकर कहा, 'मैं जेल इसलिए नहीं गई क्योंकि मैं अपनी कमाई का आधा हिस्सा बैंक को चुका रही हूं. सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि असल में मैं खुद इस पूरे मामले की पीड़ित थी.' विकारियो ने स्वीकार किया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था.
उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा था. मुझे थेरेपी लेनी पड़ी क्योंकि मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरे साथ ऐसा हो सकता है. ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी बुरे सपने में हूं.'
17 साल की उम्र में जीता फ्रेंच ओपन
अरांत्सा सांचेज विकारियो ने महज 17 साल की उम्र में फ्रेंच ओपन जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था. इसके बाद उन्होंने दो और फ्रेंच ओपन खिताब जीते. विकायो ने साल 1994 में यूएस ओपन खिताब भी अपने नाम किया. वर्ष 1995 में वह दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनीं और अपने शानदार करियर के दौरान पांच ओलंपिक खेलों में स्पेन का प्रतिनिधित्व किया.
2002 में संन्यास लेने के बाद मैड्रिड मास्टर्स में उनके सम्मान में एक कोर्ट का नाम रखा गया. बाद में उन्होंने पूर्व विश्व नंबर-1 कैरोलिन वोज्नियाकी को भी कोचिंग दी.
कोर्ट पर ट्रॉफियां जीतने वाली अरांत्सा सांचेज विकारियो की लाइफ आज इस बात की मिसाल बन गई है कि खेल में मिली शोहरत और दौलत भी निजी जिंदगी की परेशानियों से नहीं बचा सकती. दुनिया की नंबर-1 बनने से लेकर करोड़ों की संपत्ति गंवाने तक का उनका सफर जितना शानदार रहा, उतना ही दर्दनाक भी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क