कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत भी नहीं हुई, पर भारत का एक मेडल पक्का, लवलीना बोरगोहन ने किया कमाल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का उद्घाटन होने से पहले ही भारत का खाता खुल जाना पूरे दल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है. अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल पाती हैं या नहीं...

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लवलीना बोरगोहेन ने कन्फर्म किया ब्रॉन्ज मेडल. (Photo: PTI) लवलीना बोरगोहेन ने कन्फर्म किया ब्रॉन्ज मेडल. (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • ग्लासगो,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत से पहले ही भारतीय दल के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने देश के लिए पहला पदक सुनिश्चित कर दिया है. लवलीना को विमेंस 75 किलोग्राम भारवर्ग के पहले राउंड में बाय (Bye) मिला, जिसकी वजह से वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं.

कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले मुक्केबाजों को कांस्य पदक दिया जाता है. ऐसे में लवलीना अब कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतने की पक्की दावेदार बन गई हैं. अब लवलीना 31 जुलाई (शुक्रवार) को सेमीफाइनल में तुवालू की बॉक्सर तरोना खानम बदी पसोनी ताफाकी का सामना करेंगी.

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अब गोल्ड पर लवलीना की निगाहें
तुवालू की बॉक्सर के खिलाफ जीत लवलीना बोरगोहेन को सीधे फाइनल में पहुंचा देगी, जहां उनके पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका होगा. लवलीना की निगाहें कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला गोल्ड जीतने पर है. टोक्यो ओलंपिक 2020 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना ने इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में कोई मेडल नहीं जीता था. वो पहली बार इन खेलों में पदक जीतना सुनिश्चित कर चुकी हैं.

भारत ने इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 124 सदस्यीय दल भेजा है. खेलों की संख्या भले ही पिछले संस्करणों की तुलना में कम हो, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों से कई स्पर्धाओं में पदकों की उम्मीद है. भारत इस बार एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, लॉन बॉल्स और तैराकी समेत आठ खेलों में चुनौती पेश करेगा. इसके अलावा भारतीय पैरा एथलीट पांच अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे.

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भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा शामिल हैं, जो 2018 के बाद फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण जीतने के इरादे से उतरेंगे. 2022 के बर्मिंघम गेम्स में नीरज चोट के कारण नहीं खेल पाए थे. वहीं दो बार की कॉमनवेल्थ चैम्पियन और टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू से भी देश को पदक की बड़ी उम्मीद है.

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