स्वतंत्रता दिवस पर टीम इंडिया का धमाका, हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स को 3-1 से रौंदा, कप्तान ने बिखेरा जलवा

भारतीय हॉकी का वर्ल्ड कप में इतिहास बहुत शानदार नहीं रहा है. भारत ने इकलौता वर्ल्ड कप 1975 में जीता था और वही आखिरी मौका था जब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी. ऐसे में साल 2026 में टीम इंडिया अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाना चाहेगी.

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भारत ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप का आगाज (PHOTO: PTI) भारत ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप का आगाज (PHOTO: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर देश को खेल के मैदान से एक शानदार तोहफा मिला है. भारतीय हॉकी टीम ने पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में अपने सफर का आगाज धमाकेदार जीत के साथ की है. 

अपने पहले मुकाबले में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की. अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला सोमवार यानी 17 अगस्त को मजबूत प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड से होगा. इस मैच को जीतने के बाद भारतीय टीम बढ़े हुए मनोबल के साथ अगले मैच में उतरेगी.

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मैच का आगाज भारत के लिए थोड़ा घबराहट भरा रहा था. वेल्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय गोलपोस्ट पर दबाव बना दिया. वेल्स के खिलाड़ी प्रिटचार्ड ने गोल करने के कई शानदार मौके बनाए. लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज ने चट्टान की तरह खड़े रहकर वेल्स के हर हमले को नाकाम कर दिया. सूरज के इस बेहतरीन बचाव ने भारत को शुरुआती झटके से उबार लिया.

भारतीय खिलाड़ियों ने किया कमाल

इसके बाद एक बार जब भारतीय टीम ने अपनी लय पकड़ी तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. पहला गोल सुनील ने पेनाल्टी कॉर्नर को ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में बदलकर दागा. इसके तुरंत बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह और संजय की बेहतरीन जुगलबंदी ने कमाल दिखाया. कप्तान हरमनप्रीत ने पेनाल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग-फ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोलपोस्ट में डाल दिया और भारत को 2-0 की मजबूत बढ़त दिला दी.

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मैच में आया ड्रामेटिक मोड़

पहले क्वार्टर के बाद भारतीय टीम पूरी तरह हावी दिख रही थी. हार्दिक सिंह की तेज तर्रार दौड़ और जर्मनप्रीत सिंह के शानदार ऑलराउंड खेल ने वेल्स के डिफेंस को पस्त कर दिया. मैच के दौरान उस वक्त थोड़ा तनाव बढ़ गया जब भारत के फॉरवर्ड शिलानंद लाकड़ा चोटिल हो गए. मैदान पर खून के निशान दिखने की वजह से खेल को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्राथमिक उपचार के बाद शिलानंद वापस डगआउट में लौट आए.

कप्तान ने दागा तीसरा गोल

दूसरे क्वार्टर में वेल्स ने वापसी की भरपूर कोशिश की. प्रिटचार्ड ने भारतीय गोलकीपर को चकमा देकर एक जोरदार शॉट लगाया, लेकिन किस्मत भारत के साथ थी और गेंद गोलपोस्ट के खंभे (पोल) से टकराकर बाहर निकल गई. इसके बाद अभिषेक ने भी भारत के लिए तीसरा गोल करने का मौका बनाया, लेकिन शॉट थोड़ा चूक गया. लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह इस गलती को सुधारते हुए तीसरा गोल दाग दिया.

वेल्स ने खोला खाता

वेल्स ने मैच में वापसी करते हुए आखिरकार अपना पहला गोल दागा. विरोधी खिलाड़ी द्वारा गलत तरीके से स्टिक टैकल करने पर अंपायर ने टीवी रिव्यू लिया और वेल्स को पेनाल्टी स्ट्रोक का मौका दिया. गोलकीपर मोहित ने अपनी पूरी जान लगाकर गेंद को रोकने की बहादुरी दिखाई, लेकिन वे उसे गोल पोस्ट से बाहर रखने में नाकाम रहे. टीवी अंपायर ने रीप्ले देखकर पुष्टि की कि अंपायर की सीटी बजने से पहले ही गेंद पूरी तरह से गोल लाइन पार कर चुकी थी और इस तरह सैम वेल्स ने गोल करके वेल्स का खाता खोल दिया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी

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