भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का फैसला रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होगा. यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए खुद को बड़े कप्तान के रूप में स्थापित करने का भी सुनहरा मौका है.
रोहित शर्मा और हेड कोच गौतम गंभीर के लिए यह जीत निश्चित तौर पर अहम होगी, लेकिन सबसे ज्यादा दांव शुभमन गिल की कप्तानी पर लगा है.
रोहित शर्मा से कप्तानी संभालने के बाद गिल ने अब तक पांच वनडे सीरीज में भारत की अगुवाई की है. इनमें टीम ने दो सीरीज जीती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेशी दौरे और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसकी सरजमीं पर सीरीज जीतना गिल के कप्तानी करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बन सकता है.
पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का भी मानना है कि लॉर्ड्स वनडे शुभमन गिल के लिए बेहद अहम है. अपने यूट्यूब चैनल पर उन्होंने कहा कि गिल का व्यक्तिगत प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन कप्तान के तौर पर उन्होंने अभी तक किसी बड़ी टीम के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं जीती है.
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चोपड़ा ने कहा- इस साल शुभमन गिल का प्रदर्शन शानदार रहा है और इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की है. लेकिन कप्तान के रूप में उन्होंने अभी तक किसी बड़ी टीम के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं जीती. अफगानिस्तान के खिलाफ मिली जीत रिकॉर्ड में जरूर है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से हार के बाद इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज जीतना बेहद जरूरी है. इसके लिए गिल को फिर से बड़ी पारी खेलनी होगी क्योंकि वह शानदार फॉर्म में हैं.
शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने अब तक 14 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें 9 में जीत मिली है. हालांकि विदेशी जमीन पर किसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज जीत अभी भी उनके खाते में नहीं है. ऐसे में लॉर्ड्स का मुकाबला उनके लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है.
बल्लेबाजी की बात करें तो गिल पिछले डेढ़ साल से भारत के सबसे भरोसेमंद वनडे बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं. साल 2025 से अब तक उन्होंने 19 वनडे मैचों में 974 रन बनाए हैं और उनका औसत 60 से ज्यादा का रहा है.
सिर्फ 2026 की बात करें तो गिल ने सात पारियों में 484 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और चार अर्धशतक निकले हैं. इंग्लैंड दौरे के पहले वनडे में उन्होंने नाबाद 80 रन बनाए थे, लेकिन चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा. दूसरे वनडे में उन्होंने 31 रन की पारी खेली.
अब लॉर्ड्स वनडे में गिल के सामने दोहरी जिम्मेदारी होगी. एक ओर उन्हें कप्तान के रूप में सही फैसले लेकर भारत को सीरीज जितानी होगी, वहीं दूसरी ओर बल्ले से भी टीम के लिए बड़ी पारी खेलकर उदाहरण पेश करना होगा. अगर भारत यह मुकाबला जीतता है तो यह सिर्फ एक सीरीज जीत नहीं होगी, बल्कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले शुभमन गिल की कप्तानी को नई मजबूती और बड़ा आत्मविश्वास भी मिलेगा.
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