15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अचानक मिली कप्तानी... ईशान किशन के चोटिल होने पर संभाली ईस्ट जोन की कमान

इतनी कम उम्र में किसी सीनियर टीम की कप्तानी संभालना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि वह अभी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल उनका दूसरा दलीप ट्रॉफी मुकाबला है.

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वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में कप्तानी कर रच दिया इतिहास. (Photo: Screengrab/JioHotstar) वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में कप्तानी कर रच दिया इतिहास. (Photo: Screengrab/JioHotstar)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • बेंगलुरु,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर में एक और यादगार अध्याय जुड़ गया. 30 अगस्त (रविवार) को सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में इस युवा बल्लेबाज को अचानक ईस्ट जोन की कप्तानी संभालनी पड़ी. मुकाबले की शुरुआत उन्होंने उपकप्तान के तौर पर की थी, लेकिन नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बाद टीम की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. सीनियर पुरुष क्रिकेट में यह पहली बार है, जब उन्होंने कप्तान की भूमिका निभाई है.

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बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) ग्रांउड-1 में जारी इस मुकाबले के पहले दिन ईशान विकेटकीपिंग करते हुए दाएं हाथ की कलाई पर चोट खा बैठे. फिजियो ने मैदान पर उनका उपचार किया, लेकिन वह आगे की जांच के लिए बाहर चले गए. इसी दौरान वैभव ने कप्तानी की जिम्मेदारी निभाई. बाद में हाथ पर पट्टी बांधकर लौटे ईशान ने विकेटकीपिंग नहीं की और कुमार कुशाग्र ने ये जिम्मा संभाला.

ईस्ट जोन ने वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी के लिए उपकप्तान बनाया था. उस समय उनकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन चयन समिति ने साफ किया था कि यह फैसला सिर्फ मौजूदा टीम कॉम्बिनेशन के लिए नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है. झारखंड के चयनकर्ता और ईस्ट जोन चयन समिति के सदस्य मनीष वर्धन ने भी कहा था कि टीम केवल तत्काल जरूरतों को देखकर योजना नहीं बना रही. अब कुछ ही दिनों बाद हालात ऐसे बने कि वैभव को नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी.

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वैभव के फर्स्ट क्लास आंकड़े अच्छे नहीं
वैभव सूर्यवंशी ने 2024 की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी के जरिए फर्स्ट क्लास करियर शुरू किया था. अब तक नौ फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम पर 215 रन दर्ज हैं, जबकि औसत 16.53 का है. इस दौरान उन्होंने एक अर्धशतक लगाया है. ऐसे में इतनी कम उम्र और सीमित अनुभव के बावजूद सीनियर टीम की कमान संभालना उनके लिए बड़ी परीक्षा है.

टूर्नामेंट के पहले मैच में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी बल्ले से सिर्फ 8 रन बना पाए थे. हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने दो विकेट लेकर योगदान दिया. ईस्ट जोन ने पारी और 210 रनों से वो मुकाबला अपने नाम किया था अब सेमीफाइनल में उनकी भूमिका कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है. 

वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ महीनों में जिस तेजी से अपना कद बढ़ाया है, वह उनके करियर की सबसे बड़ी कहानी है. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए 776 रन बनाने के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 151 रन बनाने के चलते उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया.

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