तीसरे दिन... बेंगलुरु में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच मुकाबला रोमांचक मोड़ पर था. फाइनल में जगह बनाने के लिए ईस्ट जोन के सामने 159 रनों का लक्ष्य था और इस चुनौती के बीच एक बार फिर सबकी नजरें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर थीं.
पहली पारी में 92 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले वैभव दूसरी पारी में हालांकि शुरुआत में बेहद संयम से खेल रहे थे. 37 गेंदों पर उनके खाते में सिर्फ 22 रन थे. तभी गेंदबाजी के लिए यश ठाकुर आए- वही यश, जिन्होंने पहली पारी में वैभव को खूब परेशान किया था. इसके बाद जो हुआ, उसने इस मुकाबले की कहानी में एक और विस्फोटक अध्याय जोड़ दिया.
दरअसल, ईस्ट जोन के सामने फाइनल में पहुंचने के लिए कोई बड़ा लक्ष्य नहीं था. वैभव से उम्मीद थी कि वह एक और विस्फोटक पारी खेलकर टीम को मंजिल तक पहुंचाएंगे.
... लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव ने शुरुआत में संयम दिखाया. रन उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार के मुताबिक नहीं आ रहे थे. इस बीच यश ठाकुर भी आक्रमम पर आ चुके थे.
वैभव बिल्कुल सब्र से काम ले रहे थे... आखिरकार यश ठाकुर अपना तीसरा ओवर लेकर आए. वैभव तब 37 गेंदों पर 22 रन बनाकर खेल रहे थे...
फिर क्या था वैभव ने यश ठाकुर का निशाना बनाना का मानो मन बना लिया हो.. और शायद पिछली पारी की याद भी उनके जेहन में थी. वैभव ने जैसे हिसाब चुकता करने की ठान ली.
यानी यश ठाकुर की लगातार चार गेंदों पर वैभव ने 4, 6, 4, 4 ठोक दिए. जिस गेंदबाज ने पहली पारी में उन्हें परेशान किया था, उसी के खिलाफ दूसरी पारी में वैभव ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि मैदान का माहौल बदल गया.
अब 37 गेंदों पर 22 रन बनाने वाला वैभव अचानक 42 गेंदों में 40 रन पर पहुंच गया था.
लेकिन क्रिकेट की कहानी इतनी सीधी कहां होती है!
यश ठाकुर ने अगली गेंद फेंकी. वैभव ने इसे मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए उठाने की कोशिश की. गेंद बल्ले से निकली तो ऊंची गई, लेकिन दूरी नहीं बना सकी.
मिड-ऑन पर खड़े सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार को कैच के लिए करीब 30 मीटर तक तिरछा दौड़ना पड़ा. सूरज सीधे उनकी आंखों में था. गेंद की दिशा साफ देखने के लिए उन्होंने अपनी टोपी तक बाहर फेंक दी और पूरी ताकत से गेंद के पीछे दौड़ पड़े.
फिर पाटीदार ने छलांग लगाई, गेंद को नीचे आते हुए लपका और जमीन पर गिरते-पड़ते एक शानदार कैच पूरा कर दिया.
वैभव की पारी खत्म
40 रन, 43 गेंद, 3 चौके, 2 छक्के
यश ठाकुर ने आखिरकार वैभव का विकेट निकाल लिया... लेकिन इससे पहले किशोर बल्लेबाज ने उसी ओवर में गेंदबाज पर ऐसा हमला बोला कि यह मुकाबला दलीप ट्रॉफी के उन पलों में दर्ज हो गया, जहां एक गेंदबाज और एक बल्लेबाज की निजी जंग ने मैच का रोमांच बढ़ा दिया.
पहली पारी में यश ठाकुर की गेंदों से बचते-बचाते 92 तक पहुंचने वाला वैभव दूसरी पारी में उसी गेंदबाज पर टूट पड़े.
पहली पारी में जीवनदान… दूसरी पारी में चार गेंदों पर बाउंड्री की बरसात… और पांचवीं गेंद पर शानदार कैच.
वैभव की यह कहानी सिर्फ 40 रन की नहीं थी. यह उस बल्लेबाज की कहानी थी, जो दबाव में पीछे हटने के बजाय अगली ही गेंद पर पलटवार करना जानता है.
आखिरकार ईस्ट जोन ने बेंगलुरु में सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली. 159 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान किशन ने 39 रनों की नाबाद जिम्मेदार पारी खेली, जबकि मोहम्मद शमी ने विजयी रन बनाकर टीम को चेन्नई में होने वाले फाइनल का टिकट दिलाया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क