साल 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट पर मचा बवाल...ICC पर भड़के स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स, लगाया बड़ा आरोप

वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले आईसीसी ने एक हैरान करने वाला फैसला लिया है. आईसीसी के इस फैसले पर क्रिकेट फैन्स से लेकर एसोसिएट देश तक लगातार सवाल उठा रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?

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2027 वर्ल्ड कप से पहले ICC का बड़ा फैसला  (PHOTO: Reuters) 2027 वर्ल्ड कप से पहले ICC का बड़ा फैसला (PHOTO: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST

साल 2027 में होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप का इंतजार क्रिकेट फैन्स बेसब्री के साथ कर रहे हैं. साल 2023 में भारतीय टीम का प्रदर्शन वर्ल्ड कप में धमाकेदार रहा था. इसके बावजूद टीम ट्रॉफी हासिल करने से चूक गई थी. 

अब अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से ठीक 18 महीने पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एक फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. आईसीसी ने 2027 वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन रास्ते और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में अचानक बड़ा बदलाव कर दिया है.

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आईसीसी के इस फैसले से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड्स ने एक बयान जारी कर आईसीसी पर तीखा हमला बोला है. दोनों देशों का कहना है कि बिना किसी सलाह और चर्चा के लिया गया यह फैसला एसोसिएट यानी छोटे देशों की क्रिकेट को पीछे धकेलने जैसा है.

आईसीसी ने अचानक बदला नियम?

दरअसल, 15 जुलाई को आईसीसी ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया नियम पेश किया था. हालांकि इसमें कुल टीमों की संख्या 14 ही रखी गई है, लेकिन मुख्य दौर से पहले एक नया सुपर सीरीज चरण जोड़ दिया गया है. नए नियम के मुताबिक सबसे कम रैंकिंग वाली तीन टीमें पहले एक-दूसरे से भिड़ेंगी और इनमें से सिर्फ एक ही टीम अगले दौर में पहुंच पाएगी. इसके बाद बची हुई 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा. यहां से 7 टीमें सुपर 7 दौर में जाएंगी और फिर टॉप-4 के बीच सेमीफाइनल और फाइनल खेला जाएगा.

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स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने जताई आपत्ति

साल 2023 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले नीदरलैंड्स और यूरोप की मजबूत टीम स्कॉटलैंड का मानना है कि यह नियम छोटे देशों का रास्ता बंद करने जैसा है. दोनों बोर्ड्स ने अपने बयान में कहा कि जब टूर्नामेंट शुरू होने में सिर्फ 18 महीने बचे हैं तब ऐसे बड़े बदलाव करना बिल्कुल गलत है. आईसीसी एक तरफ क्रिकेट को दुनिया भर में फैलाने की बात करता है. वहीं दूसरी तरफ उभरते हुए देशों के मौके छीन रहा है. ऐसे बड़े फैसलों से पहले एसोसिएट देशों से कोई चर्चा तक नहीं की गई.

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फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि आईसीसी का यह कदम बड़े देशों को सुरक्षा देने और ब्रॉडकास्टर्स की कमाई पक्की करने के लिए उठाया गया लगता है. ऐसा होने से किसी भी बड़ी टीम का शुरुआती चरण से ही बाहर होने का खतरा कम हो जाएगा. हालांकि, इस चक्कर में उन छोटे देशों का नुकसान होगा, जो सालों की मेहनत के बाद बड़े मंच तक पहुंचे हैं. 

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