15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम समय में क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बना ली है. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) में रन बनाने से लेकर अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक जड़ने तक, उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. लेकिन इतनी कम उम्र में उन्हें हालिया दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने से सचिन तेंदुलकर पूरी तरह सहमत नहीं हैं. मास्टर ब्लास्टर का मानना है कि वैभव को फिलहाल रेड-बॉल क्रिकेट में अनुभव हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए.
Reddit पर आयोजित सवाल-जवाब के सेशन में सचिन तेंदुलकर से पूछा गया कि 15 साल के खिलाड़ी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना कितना सही है. इस पर उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से दलीप ट्रॉफी में उसे उपकप्तान बनाना जल्दबाजी है. उसे रेड-बॉल क्रिकेट में और मैच खेलने देने चाहिए और एक-एक कदम आगे बढ़ना चाहिए."
वैभव सूर्यवंशी ने बिहार के लिए केवल आठ रेड-बॉल मुकाबले खेले थे, जब उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया. हालांकि, ईस्ट जोन की चयन समिति ने नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा था कि यह फैसला वैभव के विकास को ध्यान में रखकर लिया गया है. इसे टीम में वरिष्ठता या खिलाड़ियों की प्राथमिकता से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.
वैभव ने कप्तानी भी संभाली थी
कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने पर वैभव सूर्यवंशी को मैदान पर कुछ समय के लिए टीम की अगुवाई करने का मौका भी मिला. उन्होंने DRS जैसे अहम फैसलों में भूमिका निभाई. उनके इन फैसलों के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे.
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अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, लेकिन भारतीय टीम में नियमित ओपनर बनने के लिए उन्हें अभी संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी है.
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सचिन तेंदुलकर का फेवरेट कप्तान कौन?
इसी बातचीत में सचिन तेंदुलकर ने अपनी कप्तानी के दिनों को भी याद किया. उन्होंने भारतीय टीम की अगुवाई करने को बड़ा सम्मान बताया, लेकिन स्वीकार किया कि उस दौरान उन्हें हर बार अपनी पसंद की प्लेइंग इलेवन चुनने की पूरी आजादी नहीं मिलती थी. अपने पसंदीदा कप्तानों के सवाल पर सचिन ने सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया. उन्होंने दोनों को भारतीय क्रिकेट पर उनके प्रभाव के लिए खास स्थान दिया.
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि 1990 के दशक के मुकाबले आज BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) कहीं अधिक पेशेवर तरीके से काम कर रहा है. उन्होंने उस दौर को भारतीय क्रिकेट के लिए मुश्किल समय बताया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क