जसप्रीत बुमराह के नहीं खेलने से चैम्पियंस ट्रॉफी जीतना मुश्किल... रवि शास्त्री ने कर दिया दावा

जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को काफी कमजोर कर सकती है. ऐसा रवि शास्त्री का मानना है. बुमराह की जनवरी में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5वें टेस्ट में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और उन्होंने दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की थी.

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Jasprit Bumrah (Getty) Jasprit Bumrah (Getty)

aajtak.in

  • दुबई,
  • 05 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:26 PM IST

Champions Trophy: जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को काफी कमजोर कर सकती है. ऐसा रवि शास्त्री का मानना है. हालांकि उन्होंने इस मुख्य तेज गेंदबाज की राष्ट्रीय टीम में वापसी में जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी.

बुमराह की जनवरी में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5वें टेस्ट में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और उन्होंने दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की थी. उन्होंने तब से भारत के लिए गेंदबाजी नहीं की है, हालांकि उन्हें प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए शुरुआती टीम में शामिल किया गया है.

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बुमराह इस समय राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और गुरुवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की सीरीज के लिए वनडे टीम में नहीं हैं.

खेल विज्ञान विशेषज्ञों से भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को उनकी फिटनेस पर अपडेट देने की उम्मीद है, जिसके बाद चैम्पियंस ट्रॉफी पर फैसला लिया जाएगा जो पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित की जाएगी.

इसका पहला मैच 19 फरवरी को कराची में होना है, जबकि भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगा. शास्त्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ‘रिव्यू’ में कहा, ‘बुमराह के फिट नहीं होने से भारत की (चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने की) संभावना 30 प्रतिशत, नहीं 30 से 35 प्रतिशत कम हो जाएगी.’

'डेथ ओवरों’ में अच्छी गेंदबाजी की गारंटी' 

शास्त्री ने कहा, ‘पूरी तरह से फिट बुमराह के खेलने से आपके पास ‘डेथ ओवरों’ में अच्छी गेंदबाजी की गारंटी होती है.’

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पिछले साल शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह को आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर के लिए सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी के साथ आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष टेस्ट क्रिकेटर चुना गया. उन्होंने भारत को 2024 टी20 विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई थी.

ऑस्ट्रेलिया में 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में दोनों टीम में सबसे ज्यादा 32 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे.

... जल्दबाजी में वापसी कराना जोखिम भरा?

शास्त्री ने इस दिग्गज को जल्दबाजी में वापसी कराने के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनका जल्दबाजी में वापसी कराना बहुत जोखिम भरा है. भारत को आगे काफी क्रिकेट खेलना है. और अपने करियर के इस पड़ाव पर मुझे लगता है कि वह बहुत ही ज्यादा अहम हैं और उन्हें अचानक एक मैच के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘उम्मीदें बहुत ज्यादा लगी होंगी. उन्हें लगेगा कि वह आते ही धूम मचा देगा. जब आप चोट से वापसी करते हैं तो यह कभी भी इतना आसान नहीं होता.’

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने कहा कि बुमराह की अनुपस्थिति से ध्यान शमी पर लग सकता है जिन्होंने चोट और रिहैबिलिटेशन के बाद 14 महीने के बाद भारतीय टीम में वापसी की है.

बुमराह के चोटिल होने की वजह कहीं ये तो नहीं? 

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उन्हें यह भी लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में बुमराह की पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव इसलिए भी हुआ हो सकता है क्योंकि दूसरे छोर पर उन्हें शमी का समर्थन नहीं मिला.

पोंटिंग ने ‘आईसीसी रिव्यू’ में कहा, ‘टेस्ट सीरीज में मेरी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि बुमराह के पास बैकअप के तौर पर शमी नहीं थे और उन्हें गेंदबाजी की ज्यादातर जिम्मेदारी उठानी पड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘और शायद यही हुआ और शायद इसका भी कुछ लेना-देना हो कि वह (बुमराह) चोटिल हुए. शमी के नहीं होने की वजह से उन्हें शायद उस सीरीज में थोड़ी ज्यादा गेंदबाजी करनी पड़ी. इसलिए अगर शमी फिट हैं तो यह अच्छी बात है.’

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