आज ही के दिन 80 साल पहले 15 सितंबर 1946 को दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडरों में शुमार माइक प्रॉक्टर का जन्म हुआ था. शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन गेंदबाजी के लिए मशहूर प्रॉक्टर का इंटरनेशनल करियर भले ही सिर्फ 7 टेस्ट का रहा, लेकिन इतने कम मौकों में ही उन्होंने क्रिकेट की दुनिया पर गहरी छाप छोड़ दी.
7 टेस्ट में ही बन गए दिग्गज
दक्षिण अफ्रीका पर लगे इंटरनेशनल बैन के कारण प्रॉक्टर का टेस्ट करियर लंबा नहीं हो सका. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए सिर्फ 7 टेस्ट मैच खेले. इसके बावजूद वह अपने दौर के सबसे खतरनाक ऑलराउंडरों में गिने गए.
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प्रॉक्टर खासतौर पर अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे. वह गेंदबाजी करते समय 'रॉन्ग फुट' से गेंद डालते थे और अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते थे.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मचाया तहलका
1969-70 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में प्रॉक्टर ने अपनी गेंदबाजी का ऐसा जलवा दिखाया कि दुनिया उनकी मुरीद हो गई. उन्होंने सीरीज में महज 13.57 की औसत से 26 विकेट झटके थे.
दक्षिण अफ्रीका ने उस 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से क्लीन स्वीप किया था और प्रॉक्टर इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े सितारों में शामिल थे.
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी रचा इतिहास
प्रॉक्टर सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्ले से भी कमाल करते थे. उनकी बल्लेबाजी बेहद मजबूत और तकनीकी रूप से शानदार मानी जाती थी. 1970-71 में वह लगातार 6 फर्स्ट-क्लास पारियों में शतक लगाने वाले दुनिया के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बने.
ऐसा करके उन्होंने महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन और सी.बी. फ्राई के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी उनकी यह उपलब्धी आज भी क्रिकेट के सबसे शानदार रिकॉर्ड्स में गिनी जाती है.
हैट्रिक के मामले में भी खास रिकॉर्ड
काउंटी क्रिकेट में भी प्रॉक्टर का दबदबा देखने को मिला. उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप में तीन हैट्रिक अपने नाम कीं. इसके अलावा 1977 में हैम्पशायर के खिलाफ 'बेन्सन और हेजेज कप' के सेमीफाइनल में भी उन्होंने हैट्रिक ली थी. उस मुकाबले में ग्लूस्टरशायर ने जीत हासिल की और आगे चलकर टूर्नामेंट का खिताब भी अपने नाम किया.
बाद में बने ICC मैच रेफरी
क्रिकेट से संन्यास के बाद भी प्रॉक्टर खेल से जुड़े रहे. उन्होंने ICC मैच रेफरी के तौर पर भी काम किया. हालांकि इस भूमिका के दौरान वह कई विवादों में भी रहे.
2006 में 'द ओवल' टेस्ट में पाकिस्तान के हुए बॉल टैम्परिंग विवाद के दौरान वह मैच रेफरी थे. इसके अलावा 2007-08 के सिडनी टेस्ट के दौरान भी प्रॉक्टर मैच रेफरी थे और उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स के साथ हुए विवाद के बाद भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह पर 3 टेस्ट मैचों का बैन लगाया था. लेकिन अपील में यह बैन हटा दिया गया और उनकी सजा 50 फीसदी मैच फीस के जुर्माने में बदल गई.
माइक प्रॉक्टर ने एक समय दक्षिण अफ्रीका के कन्वीनर ऑफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाली. प्रॉक्टर का 77 वर्ष की आयु में 17 फरवरी, 2024 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में निधन हो गया था.
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कैसा रहा माइक प्रॉक्टर का इंटरनेशनल करियर?
टेस्ट मैच: 7
रन: 226
बल्लेबाजी औसत: 25.11
सर्वोच्च स्कोर: 48
विकेट: 41
गेंदबाजी औसत: 15.02
सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 6/73
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क