आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस ने अपने कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है. टीम ने श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा, पारस म्हाम्ब्रे और फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन से अलग होने का फैसला किया है. यह कदम फ्रेंचाइजी में चल रहे कोचिंग बदलावों का हिस्सा है.
मुंबई इंडियंस में क्यों हुआ बदलाव?
मुंबई इंडियंस आईपीएल 2027 से पहले अपनी कोचिंग टीम को नए सिरे से तैयार कर रही है. टीम ने हाल ही में महेला जयवर्धने से भी नाता तोड़ा था. अब उनकी जगह वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड को टीम का हेड कोच बनाया गया है.
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लसिथ मलिंगा मुंबई इंडियंस के साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं. खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने टीम की कई खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई और बाद में गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाली. डेथ ओवरों में उनकी यॉर्कर गेंदबाजी उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है.
आईपीएल 2027 के लिए नई रणनीति
पांच बार की आईपीएल चैम्पियन मुंबई इंडियंस का पिछला सीजन निराशाजनक रहा था. टीम 2026 में 10 टीमों की अंकतालिका में नौवें स्थान पर रही. ऐसे में फ्रेंचाइजी अगले सीजन से पहले टीम के प्रदर्शन और कोचिंग व्यवस्था में सुधार करना चाहती है.
कोचिंग स्टाफ में इन बदलावों के बाद अब देखना होगा कि मुंबई इंडियंस आईपीएल 2027 में किस तरह वापसी करती है. लसिथ मलिंगा मुंबई इंडियंस (MI) के साथ मुख्य रूप से एक साल (2018 में बॉलिंग मेंटॉर के रूप में) और बाद में 2024 से तेज गेंदबाजी कोच के रूप में जुड़े रहे.
• 2018 में मेंटॉर: लसिथ मलिंगा ने सबसे पहले 2018 के आईपीएल सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए मेंटर (सलाहकार) की भूमिका निभाई थी.
• तेज गेंदबाजी कोच (2024-2026): वे अगस्त 2023 में शेन बॉन्ड की जगह मुंबई इंडियंस के फास्ट बॉलिंग कोच बने और आईपीएल 2024 से 2026 तक इस पद पर रहे.
(वह लगभग 13 साल तक खिलाड़ी और कोच के तौर पर मुंबई फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे हैं, जिसमें 11 साल बतौर खिलाड़ी शामिल हैं)
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क