भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. अपने लंबे रेड-बॉल करियर में मैदान पर अपनी धारदार गेंदबाजी और सीम की जादूगरी से दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले शमी ने जब संन्यास का ऐलान किया तो करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैन्स का दिल टूट गया.
36 साल के मोहम्मद शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 27.71 की बेहतरीन औसत से 229 विकेट चटकाए, जिसमें 6 बार 5 विकेट हॉल (एक पारी में 5 विकेट) शामिल रहे. शमी की सबसे बड़ी ताकत पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराना और पिच से गजब की तेजी हासिल करना रही है.
पर्थ की पिच पर बरपाया था कहर
टेस्ट क्रिकेट की दूसरी पारी में शमी कितने खतरनाक साबित होते थे, इसका सबसे बड़ा सबूत पर्थ टेस्ट में देखने को मिला था. पहली पारी में 24 ओवर डालने के बावजूद एक भी सफलता न मिलने के बाद शमी ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को तहस-नहस कर दिया.
पर्थ की तेज और उछालभरी पिच पर उन्होंने उस्मान ख्वाजा, टिम पेन और एरॉन फिंच को चंद मिनटों में पवेलियन भेज दिया. महज 56 रन देकर 6 विकेट झटका, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन बना.
ईडन गार्डन्स में धमाकेदार शुरुआत
23 साल की उम्र में जब शमी ने अपना टेस्ट डेब्यू किया तो किसी को अंदाजा नहीं था कि एक नया इतिहास बनने जा रहा है. कोलकाता की धीमी पिच पर शमी ने अपनी पुरानी गेंद से ऐसी रिवर्स स्विंग कराई कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाज चारों खाने चित हो गए.
मैच में उन्होंने कुल 9 विकेट झटके, जिनमें से 6 बल्लेबाजों को उन्होंने क्लीन बोल्ड किया था. वेस्टइंडीज के तत्कालीन कप्तान डैरेन सैमी ने भी माना था कि शमी की लाइन और लेंथ ने उनकी टीम को गेंदबाजी का असली पाठ पढ़ाया था.
विशाखापट्टनम में किया था कमाल
विशाखापट्टनम में साल 2019 के दौरान पहली पारी में सपाट पिच पर 900 से ज्यादा रन बने थे और शमी को कोई विकेट नहीं मिला था. लेकिन जब भारत ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 394 रनों का लक्ष्य दिया तो शमी विकराल रूप में सामने आए.
उन्होंने टेम्बा बावुमा, फाफ डु प्लेसिस और क्विंटन डी कॉक जैसे दिग्गजों को बोल्ड करते हुए 35 रन देकर 5 विकेट चटकाए और भारत को 203 रनों से ऐतिहासिक जीत दिलाई. वह भारत के लिए टेस्ट की चौथी पारी में 5 विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों के क्लब में शामिल हुए.
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वांडरर्स की पिच पर मारी बाजी
दक्षिण अफ्रीका के कठिन दौरे पर जोहान्सबर्ग में भारत की दमदार जीत के असली हीरो शमी ही थे. दूसरी पारी में शमी ने एडन मार्करम, वर्नन फिलैंडर और मोर्ने मोर्कल जैसे बल्लेबाजों को अपनी बाउंसर और यॉर्कर गेंदों से ध्वस्त कर दिया. उन्होंने मोर्ने मोर्कल को जिस खतरनाक यॉर्कर पर बोल्ड किया था, उसे आज भी टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन यॉर्कर में गिना जाता है. शमी के इस 5 विकेट स्पेल की बदौलत भारत ने यह मैच 63 रनों से जीता.
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सेंचुरियन में रचा इतिहास
दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं हमेशा से शमी की पसंदीदा जगह रही है. सेंचुरियन टेस्ट की पहली पारी में ही शमी ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर 5 विकेट झटके और दक्षिण अफ्रीका को 197 रनों पर समेटने में मुख्य भूमिका निभाई. उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट लिए, जिसके दम पर भारत ने सेंचुरियन के मैदान पर 113 रनों से एक यादगार जीत दर्ज की.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क