'पाकिस्तान के साथ खेलना ही बंद करो...', ट्रॉफी विवाद पर BCCI को लेना होगा बड़ा फैसला, वर्ल्ड चैम्पियन खिलाड़ी का फूटा गुस्सा

भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला जीतकर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने इस जीत के बाद मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.

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: एशिया कप ट्रॉफी पर मचा बवाल. (PHOTO: AP) : एशिया कप ट्रॉफी पर मचा बवाल. (PHOTO: AP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने पर दिग्गजों ने कई बार अपनी आपत्ति जताई है. विमेन्स एशिया कप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान हुए बवाल ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

 साल 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के स्टार खिलाड़ी मदन लाल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अगर बार-बार यही सब होना है तो भारत को पाकिस्तान के साथ मैच खेलना ही नहीं चाहिए.

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दरअसल, एशिया कप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के समय एशियाई क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी से जुड़ा एक और विवाद खड़ा हो गया. इस वजह से भारतीय टीम प्रेजेंटेशन से दूर ही रही. मंच पर राजीव शुक्ला जैसे बड़े अधिकारी मौजूद थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी या मेडल लेने से परहेज किया.

मदन लाल का फूटा गुस्सा

इसी पूरी घटना से नाराज होकर पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने लिखा कि हर बार की वही पुरानी कहानी है. अगर ऐसे ही बर्ताव होना है तो हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी टूर्नामेंट में मैच नहीं खेलना चाहिए. हालांकि, मैं जानता हूं कि इसका आखिरी फैसला बोर्ड यानी बीसीसीआई को ही लेना है.

पिछले साल भी हुआ था बवाल

यह पहली बार नहीं है जब मदन लाल ने इस मुद्दे पर अपना गुस्सा जताया हो. इससे पहले साल 2025 के एशिया कप में भी ऐसा ही ड्रामा हुआ था. उस दौरान भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. 

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सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती. लेकिन उन्होंने ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया. उस दौरान भी मदन लाल ने कहा था कि अगर बात नहीं बन रही थी तो नकवी को किसी और के हाथों ट्रॉफी दिलवा देनी चाहिए थी. ट्रॉफी जीतने का एहसास खिलाड़ियों की खुशी और फैन्स के जश्न के लिए होता है, राजनीति या आपसी खिंचाव के लिए नहीं.
 

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