'सरकार का फैसला मानना होगा...', भारत-पाकिस्तान हैंडशेक विवाद पर कपिल देव की दो टूक, इमरान खान के लिए फ‍िर उठाई आवाज

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में हैंडशेक विवाद के बीच पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा है कि अगर सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाने का फैसला किया है तो खिलाड़ियों के पास ज्यादा विकल्प नहीं होते. वहीं इमरान खान को लेकर उन्होंने कहा कि पूर्व पाकिस्तानी कप्तान को मानवीय व्यवहार मिलना चाहिए, यही उनकी बुनियादी मांग है.

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हैंडशेक व‍िवाद और इमरान खान को लेकर कप‍िल देव ने बड़ा बयान दिया है (Photo: PTI) हैंडशेक व‍िवाद और इमरान खान को लेकर कप‍िल देव ने बड़ा बयान दिया है (Photo: PTI)

राजदीप सरदेसाई

  • नई दिल्ली ,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा है. दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का असर क्रिकेट पर भी दिखाई देता रहा है. पिछले एशिया कप से भारत-पाक मैचों में पारंपरिक हैंडशेक  को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है.

इसी मुद्दे पर पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने खिलाड़ियों की स्थिति साफ की. उन्होंने 'इंड‍िया टुडे' से बातचीत में कहा कि अगर सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाने का फैसला लिया है, तो खिलाड़ियों के पास कोई खास विकल्प नहीं होता.

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कपिल देव के मुताबिक, इन मामलों में खिलाड़ी वही करेंगे जो सरकार कहती है. यानी भारत-पाकिस्तान जैसे संवेदनशील मामलों में खिलाड़ियों के फैसले को व्यापक सरकारी नीति के संदर्भ में देखना चाहिए.

इमरान खान के लिए भी उठाई आवाज
कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इमरान को मानवीय व्यवहार (humane treatment) मिलना चाहिए और यही उनकी बुनियादी मांग है.

दरअसल, कपिल देव उन पूर्व इंटरनेशनल कप्तानों में शामिल हैं, जिन्होंने इमरान खान के इलाज और उनके साथ मानवीय व्यवहार की मांग की है. अगस्त 2026 में 21 पूर्व कप्तानों के समूह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान की उचित मेडिकल केयर, कोर्ट के निर्देश के मुताबिक मेडिकल असेसमेंट और परिवार से मुलाकात सुनिश्चित करने की अपील की थी.

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इससे पहले फरवरी में भी कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत पूर्व कप्तानों ने इमरान के लिए मानवीय व्यवहार, मेडिकल सुविधाओं और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया की मांग की थी.

 

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