15 साल की उम्र में ही भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी इस समय क्रिकेट जगत के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाज हैं. ऐसे में टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने उनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है. ईशान का कहना है कि ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ी मिलकर इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि वैभव का फोकस सिर्फ क्रिकेट पर रहे, ना कि सोशल मीडिया की चकाचौंध या बाहरी शोर पर.
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20I मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशान किशन ने वैभव को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि दोनों बिहार से आते हैं, इसलिए उनके बीच खास रिश्ता है. ईशान ने कहा कि वह वैभव को छोटे भाई की तरह मानते हैं और चाहते हैं कि वह करियर के शुरुआती दौर में वही गलतियां ना दोहराए, जो कई खिलाड़ी कर बैठते हैं.
ईशान किशन ने सबसे पहले युवा बल्लेबाज की समझदारी की तारीफ की. उनके मुताबिक, वैभव को अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे बल्लेबाजी करनी है और मैदान के बाहर खुद को कैसे संभालना है. लेकिन इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता कई बार खिलाड़ी का ध्यान भटका सकती है.
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ईशान किशन ने कहा, 'वैभव बहुत स्मार्ट है. उसे पता है कि उसे कैसे बल्लेबाजी करनी है, मैदान पर कैसा व्यवहार करना है और मैदान के बाहर खुद को कैसे संभालना है. लेकिन जिस माहौल से वह आता है, वहां कई तरह के डिस्ट्रैक्शन हो सकते हैं. दोस्त, सोशल मीडिया और अचानक मिली लोकप्रियता खिलाड़ी का ध्यान भटका सकती है. मैं उसी बैकग्राउंड से आता हूं, इसलिए जानता हूं कि भारत के लिए खेलते समय किन चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस करना जरूरी होता है.'
'वैभव को सोशल मीडिया से दूर रखना है'
ईशान किशन ने खुलासा किया कि सिर्फ वही नहीं, बल्कि अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल और टीम के बाकी सीनियर खिलाड़ी भी लगातार वैभव से बात करते रहते हैं. उनकी कोशिश रहती है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया की तारीफ या आलोचना से प्रभावित ना हो. उन्होंने कहा, 'हम सभी यही कोशिश करते हैं कि इस समय उसका पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर रहे. सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है, लोग क्या कह रहे हैं या अगर किसी मैच में रन नहीं बनते तो उससे उसकी बॉडी लैंग्वेज पर असर नहीं पड़ना चाहिए. हम चाहते हैं कि उसका फोकस सिर्फ अपने खेल पर रहे.'
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ईशान किशन ने वैभव की बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की. उनका मानना है कि अगर वैभव कुछ देर क्रीज पर टिक जाए, तो अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकता है. उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि अगर वैभव जैसे बल्लेबाज क्रीज पर टिक जाएं तो पहले छह ओवरों में ही 80-90 रन बन सकते हैं. वह पहले ही गेंद से विपक्षी गेंदबाजों पर अटैक करने की क्षमता रखता है. इसलिए हम नहीं चाहते कि उसका ध्यान किसी भी गैर-जरूरी चीज की तरफ जाए.'
उन्होंने आगे कहा, 'हम दोनों एक ही इलाके से आते हैं. इसलिए मैं उसे छोटे भाई की तरह देखता हूं. हमारी कोशिश है कि वह खुश रहे, सही चीजों पर ध्यान दे और करियर की शुरुआत में वही गलतियां न दोहराए जो हमसे हुई थीं. चाहे मानसिकता की बात हो या फिटनेस की, हम चाहते हैं कि वह सिर्फ अपने क्रिकेट का आनंद ले और लगातार आगे बढ़ता रहे.'
आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी शुरुआती मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल सके थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20I में सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया. इस पारी ने ना सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ क्रिकेट खेलने का दम रखते हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क