बैटिंग में तूफान, बॉलिंग में क्यों ढीले? न्यूजीलैंड में आज सीरीज कब्जाने का मौका

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों टी20 जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली है. अब तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया की नजर सीरीज जीतने पर होगी. बल्लेबाजों ने दम दिखाया है, लेकिन भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह की अगुवाई वाले गेंदबाजी आक्रमण को बेहतर प्रदर्शन करना होगा. वेलिंगटन की तेज हवाओं में भुवी की स्विंग और भारतीय गेंदबाजों की रणनीति की परीक्षा होगी.

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सीरीज में 3-0 करने के लिए अर्शदीप को झोंकनी होगी ताकत. (Photo: getty) सीरीज में 3-0 करने के लिए अर्शदीप को झोंकनी होगी ताकत. (Photo: getty)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • वेलिंगटन,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

बल्ले से रनों का तूफान, स्कोरबोर्ड पर बड़े-बड़े आंकड़े और लगातार दो जीत. टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त लेकर अपना दबदबा तो दिखाया है, लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी है. भारतीय बल्लेबाजों ने जहां मोर्चा संभाल रखा है, वहीं गेंदबाजों को अब तक अपनी छाप छोड़ने के लिए जूझना पड़ा है. ऐसे में मंगलवार को तीसरे टी20 में भारत के सामने सीरीज पर कब्जा जमाने के साथ गेंदबाजी की कमियों को दूर करने की चुनौती भी होगी. वेलिंगटन में यह मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होगा.

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श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी. लेकिन जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने और हार्दिक पंड्या के चोट से उबरने में लगे समय के बीच गेंदबाजी का मोर्चा संभाल रहे खिलाड़ियों पर निगाहें रहेंगी. खास तौर पर भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी.

भुवी की वापसी, लेकिन प्रदर्शन में कहां है धार?

चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे भुवनेश्वर कुमार की वापसी अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है. क्राइस्टचर्च में खेले गए शुरुआती दोनों मुकाबलों में उन्होंने अपने चार-चार ओवर के स्पेल में क्रमशः 49 और 50 रन खर्च किए. अनुभवी स्विंग गेंदबाज से उम्मीद थी कि वह अपनी चतुराई और सटीक लाइन-लेंथ से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को परेशान करेंगे, लेकिन अब तक वह ऐसा करने में नाकाम रहे हैं.

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भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्केल ने हालांकि भुवनेश्वर का समर्थन किया है. उनका मानना है कि घरेलू स्तर पर अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव में काफी अंतर होता है. भुवनेश्वर को टीम में वापसी के लिए सीमित समय में खुद को तैयार करना पड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छोटी-छोटी गलतियां भी महंगी साबित हो सकती हैं.

अब वेलिंगटन का बेसिन रिजर्व मैदान भुवनेश्वर के लिए नई परीक्षा होगा. यहां चलने वाली तेज और बदलती हवाएं गेंद को स्विंग कराने में मदद कर सकती हैं. भुवनेश्वर के पास अपनी ताकत दिखाने का मौका है, लेकिन भारत को उनसे सिर्फ अनुभव नहीं, विकेट और किफायती गेंदबाजी भी चाहिए.

अर्शदीप का साथ, न्यूजीलैंड के टॉप ऑर्डर पर वार

भुवनेश्वर के साथ अर्शदीप सिंह की भूमिका भी अहम होगी. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज में गेंद को दाएं हाथ के बल्लेबाजों से दूर ले जाने और जरूरत पड़ने पर अंदर लाने की क्षमता है. न्यूजीलैंड के टॉप ऑर्डर में फिन एलन, टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल जैसे बल्लेबाज हैं, जो अब तक सीरीज में अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं.

मेजबान टीम की बल्लेबाजी में ग्लेन फिलिप्स ने मिडिल ऑर्डर में दो अर्धशतकों के साथ अहम योगदान दिया है. पिछले मैच में बेवन जैकब्स ने भी रन बनाए. भारत चाहेगा कि शुरुआती विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने से रोका जाए.

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मेजबान टीम को तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी की कमी भी खल सकती है. दोनों को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है. उनकी जगह मैट फिशर और ब्लेयर टिकनर को टीम में शामिल किया गया है. यह भारत के बल्लेबाजों के लिए राहत की बात हो सकती है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप खेलना होगा.

वैभव-संजू-अभिषेक की भी होगी परीक्षा

भारत के बल्लेबाजों ने शुरुआती दोनों मैचों में बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई है. हालांकि, न्यूजीलैंड की ठंडी शाम और वेलिंगटन की तेज हवाएं बल्लेबाजी को आसान नहीं रहने देंगी. अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इन परिस्थितियों में अपनी तकनीक और शॉट चयन पर ध्यान देना होगा.

वैभव के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलना भविष्य के लिहाज से अहम अनुभव होगा. इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिले मौके उन्हें अपने खेल को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी को इस्तेमाल करने की मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति शुरुआती दोनों मुकाबलों में कारगर रही है. भारत ने पहले दो मैचों में 13 खिलाड़ियों को आजमाया है. चोटिल ईशान किशन की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, जबकि दूसरे मुकाबले में प्रिंस यादव ने मयंक यादव की जगह ली.

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सीरीज जीतने के साथ कमियां दूर करने का मौका

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2020 के दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज 5-0 से जीती थी. 2022-23 के अगले दौरे पर भी भारतीय टीम उस मुकाबले में विजयी रही थी, जो खराब मौसम की भेंट नहीं चढ़ा. अब टीम के पास एक बार फिर न्यूजीलैंड में अपना दबदबा कायम रखने का मौका है.

मंगलवार को जीत भारत को पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त दिला देगी. लेकिन इस मुकाबले का महत्व सिर्फ सीरीज जीतने तक सीमित नहीं है. बल्लेबाजी ने अब तक टीम की नैया पार लगाई है, अब गेंदबाजों को भी भरोसे पर खरा उतरना होगा. बड़े स्कोर बनाना अच्छी बात है, लेकिन मजबूत टीम वही होती है जो विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम भी लगा सके.

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