श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट का दूसरा दिन पूरी तरह से रोमांच से भरा रहा. बारिश की वजह से खेल भले ही देरी से शुरू हुआ, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों का तेवर देखने लायक था. एक तरफ देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक रहा तो दूसरी तरफ मोहम्मद सिराज ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने का काम किया.
अपनी घातक गेंदबाजी के लिए जाने जाने वाले मोहम्मद सिराज इन दिनों बल्ले से कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रैक्टिस मैच के दौरान भी सिराज ने आखिरी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़कर भारत को जीत दिलाई थी.
गॉल में जब सिराज एक बार फिर बल्लेबाजी के लिए उतरे तो उनका एक अलग ही मूड नजर आया. टीम मैनेजमेंट ने उन्हें कुलदीप यादव से पहले क्रीज पर भेजा ताकि वो तेजी से कुछ रन बटोर सकें. सिराज ने भी कोच और कप्तान को निराश नहीं किया.
चौथी ही गेंद पर जड़ दिया छक्का
अपनी पारी की चौथी ही गेंद पर उन्होंने स्पिनर केषरा नुवांता की गेंद पर ऐसा करारा स्लोग-स्वीप लगाया कि गेंद डीप मिड-विकेट बाउंड्री के पार जाकर गिरी. सिराज के टेस्ट करियर का यह सिर्फ चौथा छक्का था. लेकिन इस शॉट में ताकत और आत्मविश्वास पूरा दिख रहा था. हालांकि, वह 15 गेंदों में 11 रन बनाकर असित फर्नांडो का शिकार बने.
दोहरे शतक से चूके पडिक्कल
मैच के दूसरे दिन बारिश के कारण पहला सेशन धुल गया था. खेल दोपहर में शुरू हुआ तो श्रीलंकाई गेंदबाजों ने थोड़ी वापसी करने की कोशिश की. भारत ने दिन की शुरुआत 288/2 से की थी. देवदत्त पडिक्कल अपने पहले टेस्ट दोहरे शतक की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन 167 के स्कोर पर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर स्टंप आउट हो गए. ऋषभ पंत (39) और केएल राहुल (81) बड़ा स्कोर नहीं बना सके.
भारत का पलड़ा भारी
इसके बाद निचले क्रम में ध्रुव जुरेल ने 57 रनों की समझदारी भरी पारी खेली और मानव सुथार (24) के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 460/9 तक पहुंचाया. दिन का खेल खत्म होने तक कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा क्रीज पर डटे हुए थे.
दूसरे दिन भारत ने 172 रन जोड़ने में 7 विकेट जरूर गंवाए, लेकिन गॉल की टर्निंग विकेट पर 460 का स्कोर बहुत मजबूत माना जाता है. अब तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों के पास श्रीलंका को दबाव में घेरने का पूरा मौका रहेगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क