अफगानी कप्तान को ICC ने लगाई फटकार, भारत के खिलाफ ODI मैच में की थी ऐसी हरकत

भारतीय टीम ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से जीती थी. तीसरे वनडे में अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने शतकीय पारी खेली, लेकिन उनकी टीम मैच नहीं बचा सकी थी.

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हशमतुल्लाह शाहिदी ने चेपॉक में जड़ा था शतक... (Photo: PTI) हशमतुल्लाह शाहिदी ने चेपॉक में जड़ा था शतक... (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:13 PM IST

भारत के खिलाफ शनिवार (20 जून) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने शानदार शतक जड़ा था. उस मैच में इतनी बेहतरीन बल्लेबाजी करने के बावजूद उन्हें ICC की आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हशमतुल्लाह शाहिदी को आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई है और उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया. शाहिदी ने 131 गेंदों पर 102 रनों की शानदार पारी खेली थी. यह उनके ओडीआई करियर का पहला शतक भी था. हालांकि यह उपलब्धि ज्यादा देर तक चर्चा में नहीं रह सकी क्योंकि मैच के अगले ही दिन आईसीसी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा कर दी.

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आईसीसी के मुताबिक हशमतुल्लाह शाहिदी को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बनाए गए आचार संहिता के अनुच्छेद 2.10.10 के तहत दोषी पाया गया. यह नियम बल्लेबाज द्वारा पिच के संरक्षित हिस्से को जानबूझकर या लापरवाही से नुकसान पहुंचाने से संबंधित है. मैच के दौरान शाहिदी को कई बार पिच के संरक्षित हिस्से पर दौड़ने के लिए चेतावनी दी गई थी.
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शुरुआत में अंपायरों ने उन्हें दो अनौपचारिक चेतावनी दी. इसके बाद 31वें ओवर में उन्हें आधिकारिक चेतावनी भी दी गई. इसके बावजूद अफगानी कप्तान ने 40वें ओवर में एक बार फिर वही गलती दोहराई. नतीजतन अंपायरों ने भारत को पांच पेनल्टी रन दे दिए. यही घटना उनके खिलाफ आईसीसी कार्रवाई का मुख्य कारण बनी.

शाहिदी ने मानी अपनी गलती
हशमतुल्लाह शाहिदी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और मैच रेफरी रंजन मदुगले द्वारा प्रस्तावित सजा को मान लिया. इसी वजह से मामले की औपचारिक सुनवाई नहीं हुई. उनके खिलाफ आरोप मैदान पर मौजूद अंपायर्स क्रिस गैफनी और रोहन पंडित ने लगाए थे. थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने भी इसका समर्थन किया.

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आईसीसी के नियमों के अनुसार किसी खिलाड़ी को मिले डिमेरिट अंक 24 महीने तक उसके रिकॉर्ड में बने रहते हैं. यदि कोई खिलाड़ी दो वर्षों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है, तो उसे सस्पेंशन प्वाइंट्स में बदल दिया जाता है. दो सस्पेंशन प्वाइंट मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच या दो सीमित ओवरों के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से निलंबित किया जा सकता है.

हालांकि हशमतुल्लाह शाहिदी के लिए राहत की बात यह है कि पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है. ऐसे में फिलहाल उन्हें सिर्फ आधिकारिक फटकार और एक डिमेरिट अंक के साथ छोड़ दिया गया है.

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