पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है. इस बार उनका निशाना उन लोगों पर है, जो उनके मुताबिक वीडियो के जरिए उठाए गए मुद्दे को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
हरभजन ने साफ कहा कि पंजाब में नशे की समस्या एक गंभीर मुद्दा है और इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने पंजाब सरकार से नशा करने वालों के पुनर्वास पर काम करने की अपील भी की.
हरभजन सिंह ने अपने नए पोस्ट में लिखा- क्या यह भी राजस्थान की तस्वीर है? बात पंजाब की ड्रग समस्या की है. आपके पेड ट्रोल से यह मुद्दा छिपाया नहीं जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि इस समस्या पर काम करना पड़ेगा और जिम्मेदारियों से भागने से इसका समाधान नहीं निकलेगा. हरभजन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बात किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं है.
उनके मुताबिक, पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में जो लोग नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, उन्हें नशे से मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए.
एक-दूसरे की टांग खींचने के बजाय काम करे सरकार
हरभजन ने अपने पोस्ट में पंजाब सरकार से राजनीतिक खींचतान छोड़कर नशामुक्ति पर ध्यान देने को कहा.उन्होंने लिखा कि एक दूसरे की टांग ना खींचते हुए कैसे पंजाब को नशा मुक्त बनाया जाए, इस पर पंजाब सरकार को काम करना चाहिए. हरभजन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके पिछले वीडियो को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है.
पहले वीडियो को लेकर घिर गए थे हरभजन
दरअसल, हरभजन सिंह ने 10 अगस्त को एक वीडियो शेयर किया था. इसमें पगड़ी पहने दो युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहे थे. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने पंजाब में बढ़ते नशे पर चिंता जताई थी. उन्होंने लिखा था कि पंजाब को किसी की बुरी नजर लग गई है और जिस राज्य की पहचान कभी तरक्की, हिम्मत और बहादुरी के लिए होती थी, वहां के युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं.
हरभजन ने पंजाब को नशे से बचाने की अपील भी की थी.
लेकिन वीडियो शेयर होने के बाद मामला उलटा पड़ गया. पंजाब पुलिस की ओर से किए गए फैक्ट-चेक और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो पंजाब का नहीं बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का था.
AAP नेताओं ने बोला हमला
वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने हरभजन सिंह पर निशाना साधा. पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दावा किया कि वीडियो पंजाब का नहीं बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का है.
उन्होंने हरभजन पर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. AAP की ओर से इस मुद्दे को लेकर यह भी सवाल उठाया गया कि एक गलत लोकेशन वाले वीडियो को पंजाब की नशे की समस्या से क्यों जोड़ा गया.मामला इतना बढ़ा कि इस पर पंजाब की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए.
अब हरभजन ने दिया पलटवार
पहले वीडियो को लेकर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद हरभजन सिंह ने अब नया वीडियो शेयर कर अपना रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या पर बहस किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं होनी चाहिए. उनका जोर इस बात पर है कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों के इलाज और पुनर्वास के लिए काम किया जाए.
हरभजन ने अपने नए पोस्ट में वीडियो की लोकेशन को लेकर उठे सवाल का जिक्र करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि राजस्थान या किसी दूसरे राज्य का उदाहरण देने से पंजाब की अपनी नशे की समस्या खत्म नहीं हो जाती.
विवाद के बीच उनका नया बयान पंजाब में नशे के मुद्दे पर जारी सियासी टकराव को और हवा दे सकता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क