अगर टीम इंडिया कहीं विदेशी दौरा कर रही है तो अक्सर यही देखा जाता है उस अमुक मुल्क में खिलाड़ियों का रिकॉर्ड कैसा है? कौन सा खिलाड़ी चला है, कौन सा फ्लॉप रहा है, विपक्षी टीम की ताकत क्या है... इन्हीं बातों के इर्द-गिर्द खेल की कहानियां घूमती है.
मौजूदा समय में भारतीय टीम श्रीलंका के दौरे पर है, 2 टेस्ट उसे खेलने हैं. पहला टेस्ट 15 अगस्त से शुरू होगा, लेकिन उससे पहले अभी भारतीय टीम SLC XI के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेल रही है, जिसकी शुरुआती शुक्रवार (7 अगस्त) से हुई.
2 टेस्ट खेलने गई मौजूदा भारतीय टीम के स्कॉड में मौजूद रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, कुलदीप यादव ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनको श्रीलंका में खेलने का अनुभव है. लेकिन यहां एक बात गौर करने वाली है कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भी श्रीलंका की धरती पर खेल चुके हैं और उनका बतौर खिलाड़ी शानदार रिकॉर्ड रहा है, हालांकि एक फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड डांवाडोल रहा है.
2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वनडे फॉर्मेट से डेब्यू करने वाले गौतम गंभीर 18 अगस्त 2008 को सबसे पहली बार श्रीलंका की धरती पर खेलने के लिए उतरे थे. जो एक वनडे मुकाबला था. खास बात यह है कि गंभीर का यह श्रीलंका की धरती पर पहला मुकाबला था, वहीं यह विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में डेब्यू था. दोनों ने तब ओपनिंग की थी.
गंभीर ने तब उस मुकाबले में खाता नहीं खोल सके थे. वहीं कोहली भी 12 रन बनाकर आउट हो गए थे.श्रीलंका की धरती पर गंभीर ने वैसे ज्यादतर मैच श्रीलंका के खिलाफ ही खेले, 18 वनडे में से दो मैच ऐसे थे जो उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ खेले थे.
कुल मिलाकर गंभीर ने श्रीलंका की धरती पर 18 वनडे मुकाबले खेले, 42.16 के 86.44 के स्ट्राइक रेट और 5 अर्धशतक और 2 शतक के साथ उन्होंने 759 रन बनाए. जो यह दिखाता है उनका बल्ला श्रीलंका की धरती पर जमकर गरजा है. गौर करने वाली बात यह भी है कि गंभीर ने अपने वनडे करियर में कुल 147 मैच खेले और 5238 रन बनाए. इस दौरान उनका एवरेज 39.68 और स्ट्राइक रेट 85.25 का रहा.
जो साफ-साफ दिखाता है कि गंभीर का एवरेज और स्ट्राइक रेट श्रीलंका में उनके ओवरऑल आंकड़ों से बेहतर रहा.
श्रीलंका में गंभीर का टेस्ट में कैसा रहा प्रदर्शन
चूंकि भारतीय टीम मौजूदा समय में 2 टेस्ट मैच खेलने के लिए गई हुई है, 15 अगस्त से पहला मुकाबला होना है. ऐसे में गौतम गंभीर के श्रीलंका की धरती पर टेस्ट आंकड़ों को देखा जाए तो यह शानदार हैं.
गंभीर ने श्रीलंका में 4 टेस्ट खेले. ये चारों टेस्ट उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ ही खेले. जहां उन्होंने 8 पारी खेलकर 312 रन बनाए हैं. गंभीर ने इस दौरान 3 अर्धशतक जड़े.
पर टी20 फॉर्मेट में नहीं कर सके कमाल!
टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में गौतम गंभीर ने कमाल की बल्लेबाजी की, लेकिन टी20 फॉर्मेट में प्रदर्शन वो श्रीलंका में वो धाक नहीं दिखा सके. उन्होंने जो 7 टी0 इंटरनेशनल श्रीलंका में खेले, यहां उनके बल्ले से 7 मुकाबलों में महज 99 रन ही आ सके.
यानी एक बात तो तय है कि गुरु गंभीर इस मौजूदा दौरे पर भारतीय टीम के रणबांकुरों से उम्मीद करेंगे कि वो इस सीरीज को 2-0 से जीते, ताकि WTC (वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप) 2025-2027 में टीम की सिचुएशन सुधरे, क्योंकि अभी तो टीम WTC टेबल में 5 स्थान पर है (बांग्लादेश से भी नीचे). इस मौजूदा WTC साइकिल में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका से घर पर 0-2 से हार चुकी है. ऐसे में गौतम गंभीर को भी यह बात तो दिखाना होगा कि वो केवल व्हाइट बॉल (वनडे और टी20) ही नहीं, बल्कि रेडबॉल क्रिकेट में भी कोचिंग के महारथी हैं.
क्योंकि गंभीर की रेडबॉल कोचिंग लंबे समय से रडार पर है, अब सवाल है कि क्या गंभीर जैसा वनडे और टेस्ट में श्रीलंका में खेले, वैसा टीम इंडिया के खिलाड़ियों को अपने निर्देशन में खेलने के लिए गाइड कर पाएंगे. क्योंकि इस सीरीज से हार से होने पर उनकी रेडबॉल कोचिंग पर सवाल तो जरूर उठेगा.
कृष्ण कुमार