दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के तीसरे दिन ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर अपना शिकंजा पूरी तरह कस लिया है. पहली पारी में ईस्ट जोन के पहाड़ जैसे 708 रनों के जवाब में साउथ जोन की टीम दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट पर केवल 242 रन ही बना सकी.
साउथ जोन की टीम अभी भी 466 रन पीछे है और उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है. दिन के आखिरी सेशन के दौरान एक अजीब वाकया देखने को मिला. 60वें ओवर में ऑन-फील्ड अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने मोहम्मद शमी को रोककर गेंद की जांच की.
मोहम्मद शमी गेंद की हालत से खुश नहीं थे और उसे बदलना चाहते थे, लेकिन अंपायरों ने ईस्ट जोन की टीम को चेतावनी दी कि वे गेंद को चमकाने के लिए हद से ज्यादा पसीने का इस्तेमाल न करें. एमसीसी के नियमों के मुताबिक गेंद की हालत से किसी भी तरह की छेड़छाड़ की इजाजत नहीं है.
क्या कहता है एमसीसी का नियम
एमसीसी के नियम 41.3.2.1 के तहत खिलाड़ी अपने कपड़ों पर रगड़कर गेंद को चमका सकते हैं. नियम में यह कहीं नहीं लिखा कि पसीना कितना लगाया जा सकता है. यानी ज़्यादा पसीना लगाना अपने आप में कोई नियम उल्लंघन या अपराध नहीं है.
नियम के मुताबिक अंपायर कभी भी और बिना बताए गेंद की जांच कर सकते हैं. अगर अंपायर को शक होता है कि कोई खिलाड़ी नियमों से बाहर जाकर गेंद की हालत बदलने की कोशिश कर रहा है तो वे तुरंत एक्शन ले सकते हैं.
मोहम्मद शमी ने गेंद से बरपाया कहर
मोहम्मद शमी ने चेन्नई की उमस भरी गर्मी में छोटे-छोटे स्पेल में गेंदबाजी की. भले ही शमी ने पूरे दिन में केवल 2 विकेट चटकाए, लेकिन उनकी कसी हुई लाइन-लेंथ ने साउथ जोन के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.
मोहम्मद शमी ने खतरनाक दिख रहे शेख रशीद (29) को एक बेहतरीन अंदर आती गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट करके इस जोड़ी को तोड़ा. इसके बाद शमी ने रिवर्स स्विंग का बेहतरीन नजारा पेश करते हुए सेट बल्लेबाज स्मरन रविचंद्रन को भी विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया.
मुकेश कुमार ने भी किया कमाल
शमी के अलावा मुकेश कुमार ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट झटके. उन्होंने देवदत्त पडिक्कल (62) को अपने जाल में फंसाया, जो अच्छी लय में दिख रहे थे. पार्ट-टाइम स्पिनर शिखर मोहन और मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने भी एक-एक सफलता हासिल कर साउथ जोन की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए.
अकेले लड़े कप्तान तिलक वर्मा
साउथ जोन की ओर से कप्तान तिलक वर्मा 56 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. तिलक के अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन की पारी खेली, लेकिन बाकी का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ जोन का स्कोर 242/6 है. ईस्ट जोन अब खिताब जीतने से महज कुछ कदम दूर नजर आ रही है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क