तमिलनाडु के एक क्रिकेटर को मैच के दौरान मैच के दौरान गर्लफ्रेंड को मोबाइल से मैसेज करना महंगा पड़ गया. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने नियमों के उल्लंघन के चलते इस खिलाड़ी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इतना ही नहीं, उसे तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में खेलने से भी रोक दिया गया है. 26 वर्षीय खिलाड़ी तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुका है, लेकिन जांच जारी होने के कारण फिलहाल उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
मामला प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) से जुड़ा है. यह मैदान का प्रतिबंधित क्षेत्र होता है, जहां मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस को ले जाने की अनुमति नहीं होती. एसीएसयू ने इस उल्लंघन की जानकारी तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) को दी, जिसके बाद क्रिकेटर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई.
तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि संबंधित खिलाड़ी बाएं हाथ का बल्लेबाज है और उसने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में तमिलनाडु की ओर से दो अर्धशतक लगाए थे. अधिकारी के मुताबिक क्रिकेटर मैच के दौरान अपनी गर्लफ्रेंड को मैसेज कर रहा था.
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी उसके खिलाफ भ्रष्टाचार, मैच फिक्सिंग या सट्टेबाजी से जुड़ा कोई आरोप नहीं है. कार्रवाई की वजह पीएमओए में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके निर्धारित प्रोटोकॉल तोड़ना है. तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन ने खिलाड़ी का नाम बताने से इनकार करते हुए कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है. तमिलनाडु प्रीमियर लीग में उस पर लगाया गया प्रतिबंध कितने समय तक प्रभावी रहेगा, इसकी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है.
क्या है BCCI का PMOA रूल?
BCCI के नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को पीएमओए में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच बंद करके निर्धारित सुरक्षा अधिकारियों के पास जमा करने होते हैं. इसका उद्देश्य मैच के दौरान टीम से जुड़े लोगों और बाहरी व्यक्तियों के बीच अनधिकृत संपर्क की संभावना को खत्म करना है.
तकनीक के बदलते स्वरूप को देखते हुए एसीएसयू ने हाल के महीनों में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को लेकर निगरानी और सख्त की है. स्मार्ट ग्लासेज और स्मार्ट गॉगल्स को लेकर भी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को चेतावनी दी गई है, क्योंकि इनसे ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड या लाइव ट्रांसमिट किया जा सकता है.
इससे पहले IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स (RR) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर भी इसी तरह के उल्लंघन में फंसे थे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले के दौरान उन्हें डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते देखा गया था. बीसीसीआई ने उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और चेतावनी दी थी. मौजूदा मामले में कार्रवाई एक कदम आगे गई है क्योंकि तमिलनाडु के क्रिकेटर पर जुर्माने के साथ TNPL में खेलने पर भी रोक लगा दी गई है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क