'5 महीने ड्रेसिंग रूम में गुजारे, अब भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना है...', अनाया बांगड़ की BCCI से भावुक अपील, बताया अपना सबसे बड़ा ड्रीम

अनाया बांगड़ अगर क्लब स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो उन्हें विमेंस बिग बैश लीग में मौका मिल सकता है. हालांकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी अपने आप किसी टीम में सेलेक्शन की गारंटी नहीं देती. अनाया भी इस बात को समझती हैं. इसलिए वह फिलहाल किसी जल्दबाजी के बजाय कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहती हैं.

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अनया बांगड़ भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहती हैं. (Photo: Instagram/anayabangar) अनया बांगड़ भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहती हैं. (Photo: Instagram/anayabangar)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

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  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:57 AM IST

क्रिकेट में वापसी का रास्ता मिलने के बाद अनाया बांगड़ ने अपने सबसे बड़े सपने का खुलासा किया है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अब सिर्फ मैदान पर लौटना नहीं चाहतीं, बल्कि उनकी नजर उससे कहीं बड़े लक्ष्य पर है. लड़के से लड़की बनीं क्रिकेटर अनाया का सपना है कि वह एक दिन भारत के लिए विमेंस वर्ल्ड कप जीतें और देश के लिए बड़ी ट्रॉफियां हासिल करें.

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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया बांगड़ को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में प्रीमियर क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है, जबकि मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में उनकी वापसी पात्रता संबंधित नीति की शर्तों पर निर्भर करेगी. हालांकि यह मंजूरी किसी टीम में जगह की गारंटी नहीं है, लेकिन अनाया इसे अपने क्रिकेट करियर को दोबारा शुरू करने की बड़ी सीढ़ी मान रही हैं.

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अनाया बांगड़ ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) से भी उम्मीद जताई कि महिला क्रिकेट के लिए ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो समावेशी होने के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक भी हों. उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करती हूं कि बीसीसीआई इस पर विचार करेगा और ऐसी नीतियां बनाएगा जो महिला खेल के लिए समावेशी, निष्पक्ष और सम्मानजनक हों. मैं एक दिन भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहती हूं. मैं देश के लिए कुछ जीतना चाहती हूं और यही मेरा सपना है.'

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यानी अनाया बांगड़ की नजरें सिर्फ क्लब या WBBL (विमेंस बिग बैश लीग) तक पहुंचने पर नहीं है. वह आगे चलकर भारतीय टीम का हिस्सा बनने और देश के लिए बड़े खिताब जीतने का सपना देख रही हैं.

अनाया बांगड़ का छलका दर्द
अनाया बांगड़ ने बताया कि इस मुकाम तक दोबारा पहुंचने का सफर बेहद मुश्किल रहा. उन्हें सिर्फ सार्वजनिक आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि परिवार के भीतर भी पूरी तरह समर्थन नहीं मिला. उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ हद तक मदद मिली, लेकिन पूरे सफर के दौरान उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि परिवार उनके साथ पूरी तरह खड़ा है. इस मुश्किल दौर ने उनके लिए क्रिकेट से दूर रहने के साथ-साथ निजी जिंदगी में भी कई चुनौतियां खड़ी कीं.

अनाया बांगड़ ने अपने संघर्ष के सबसे कठिन दौर का जिक्र करते हुए बताया कि ब्रिटेन में एक समय ऐसा भी आया, जब वह करीब पांच महीने तक ड्रेसिंग रूम में रहकर अपना गुजारा कर रही थीं. उन्होंने कहा कि उस समय उनका मकसद किसी तरह खुद को संभालना और आगे बढ़ना था. बाद में उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया, जिसके जरिए उन्हें ब्रांड डील मिलीं और उन्होंने अपनी कुछ मेडिकल प्रक्रियाओं के लिए आर्थिक मदद जुटाई.

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'अकेलेपन ने मजबूत बनाया'
अनाया बांगड़ ने अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि यह सफर उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन अकेलेपन ने उन्हें खुद को समझने और मजबूत बनाने में मदद की. उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव के बाद उनके भीतर पहले से ज्यादा आत्मविश्वास आया है. मुश्किल परिस्थितियों से निकलने के बाद अब वह अपने अगले लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया बांगड़ अपने सफर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत मानती हैं. उनका अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में क्लब क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस और लय वापस हासिल करना है. इसके बाद वह अपने प्रदर्शन के दम पर विमेंस बिग बैश लीग में जगह बनाने की कोशिश करेंगी.

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