जापान पहुंचते ही भारतीय खिलाड़ियों को खाने-पानी से लेकर रहने तक की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. भारत के अलावा कई देशों के खिलाड़ियों को घंटों तक अपने कमरे का इंतजार करना पड़ा.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शूटिंग टीम सुबह 9 बजे ही आईची-नागोया पहुंच गई थी, लेकिन उन्हें रहने की जगह मिलने में रात के 2 बज गए. इस दौरान खिलाड़ियों को वेरिफिकेशन सेंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ा और सबसे बुरी बात यह रही कि इस पूरे समय उन्हें एक बूंद पानी और खाने का एक टुकड़ा तक नहीं मिला.
मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई. एक होटल में कमरे कम पड़ने की वजह से पूरी शूटिंग टीम को दो अलग-अलग होटलों में बांटना पड़ा, जिससे खिलाड़ी एक-दूसरे से अलग हो गए. सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिसमें अलग-अलग देशों के खिलाड़ी घंटों इंतजार करते और फर्श पर सोते नजर आ रहे हैं.
एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब खिलाड़ियों के रहने के लिए कोई डेडिकेटेड गेम्स विलेज नहीं बनाया गया है. एशियाई खेलों की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी ने खर्चों को कम करने के लिए यह फैसला लिया. विलेज नहीं होने की वजह से खिलाड़ियों को होटलों, एक क्रूज शिप और शिपिंग कंटेनर जैसी अस्थायी लकड़ी की कॉटेज में ठहराया गया है.
बता दें कि शूटिंग हमेशा से भारत के लिए मेडल लाने वाला सबसे मजबूत खेल रहा है. एशियन गेम्स के इतिहास में शूटर्स ने भारत को कुल 80 मेडल दिलाए हैं. पिछले साल हांगझू (2023) में हुए एशियन गेम्स में भी भारत ने शूटिंग में कमाल करते हुए 22 मेडल जीते थे.
इस बार जापान में भारत का 30 सदस्यों का मजबूत शूटिंग दल उतरा है, जिसमें पेरिस ओलंपिक की स्टार मनु भाकर समेत कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं. उम्मीद है कि खिलाड़ी इन शुरुआती परेशानियों को पीछे छोड़कर देश के लिए जरूर सोना जीतकर आएंगे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क