अल-नीनो की मेहरबानी... अगले कुछ महीने रहेंगे गर्म, पारा रहेगा ऊपर

आसमान से बरसती गर्मी अभी थमने वाली नहीं है. मजबूत होता अल-नीनो आने वाले महीनों में तापमान को और ऊपर ले जा सकता है, जिसका असर दुनिया के कई हिस्सों में महसूस होगा.

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अल-नीनो की वजह से अगले कुछ महीनों में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. (Photo: Getty) अल-नीनो की वजह से अगले कुछ महीनों में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. (Photo: Getty)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

आने वाले कुछ महीने दुनिया के कई हिस्सों के लिए ज्यादा गर्म रह सकते हैं. विश्व मौसम संगठन (WMO) के मुताबिक, अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच मजबूत होता अल-नीनो तापमान को सामान्य से ऊपर ले जा सकता है. इसका असर भारत समेत कई देशों के मौसम पर भी पड़ सकता है.

WMO का कहना है कि अल-नीनो लगातार मजबूत हो रहा है. इसके कारण कई इलाकों में गर्मी बढ़ सकती है और बारिश का समय व तरीका भी बदल सकता है. इसके अलावा समुद्र का तापमान भी पहले से ज्यादा गर्म बना हुआ है, जिससे मौसम पर असर बढ़ सकता है.

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मजबूत अल-नीनो से बढ़ सकती है गर्मी

WMO की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है. इसमें भारत, अफ्रीका, यूरोप के कुछ हिस्से, अरब, पूर्वी एशिया और दक्षिण अमेरिका के इलाके शामिल हैं.

अल-नीनो एक प्राकृतिक मौसम घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर हवा और बारिश के सिस्टम पर पड़ता है, जिससे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदल सकता है.

पहले से गर्म समुद्र बढ़ा सकते हैं परेशानी

WMO ने बताया कि इस बार अल-नीनो ऐसे समय में मजबूत हो रहा है, जब दुनिया के समुद्र पहले से ही काफी गर्म हैं. मौसम मॉडल के अनुसार, अगस्त से अक्टूबर के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में समुद्र का तापमान सामान्य से करीब 2.9 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है.

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हालांकि अल-नीनो का असर हर जगह एक जैसा नहीं होता. कुछ जगहों पर ज्यादा गर्मी पड़ सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश कम या ज्यादा हो सकती है.

भारत में कम बारिश का खतरा

WMO के अनुमान के मुताबिक, अगस्त से अक्टूबर 2026 के दौरान भारतीय सबकॉनटीनेन्ट में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बनने के संकेत भी मिले हैं, जो मौसम को प्रभावित कर सकता है.

अल-नीनो और IOD दोनों मिलकर कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश का खतरा भी बढ़ सकता है.

WMO अल-नीनो को कमजोर, मध्यम, मजबूत और बहुत मजबूत श्रेणी में रखता है. संगठन अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में सुपर अल-नीनो शब्द का इस्तेमाल नहीं करता.

मजबूत होता अल-नीनो आने वाले महीनों में गर्मी और मौसम में बदलाव का बड़ा कारण बन सकता है. WMO ने देशों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है, ताकि बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के असर को कम किया जा सके.

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