बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक हवाएं, फिर बदल सकता है इन राज्यों में मौसम

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब अपनी दिशा बदलते हुए नॉर्थ-नॉर्थवेस्ट की ओर बढ़ रहा है. IMD के मुताबिक इसकी ताकत जल्द कम होगी, लेकिन आगे बढ़ते हुए म्यांमार, बांग्लादेश और नॉर्थ-ईस्ट के मौसम पर इसका असर बना रह सकता है.

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बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बना हुआ है. इससे भारत के कुछ राज्य प्रभावित हो सकते हैं. (Photo: IMD) बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बना हुआ है. इससे भारत के कुछ राज्य प्रभावित हो सकते हैं. (Photo: IMD)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

म्यांमार के तटीय इलाके और नॉर्थ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी के पास बना डिप्रेशन अब कमजोर होने वाला है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, यह पिछले 6 घंटे में करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नॉर्थ-नॉर्थवेस्ट दिशा में आगे बढ़ा है. यह सिस्टम म्यांमार के मिंडाट के पास था. 

यह हाखा से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, बांग्लादेश के चटगांव से 250 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मिजोरम के लेंगपुई से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और मणिपुर के इम्फाल से करीब 370 किलोमीटर दक्षिण में था. IMD के मुताबिक, अब यह इसी दिशा में आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होगा.

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अगले 12 घंटे में यह डिप्रेशन कमजोर होकर वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया यानी अच्छी तरह बने कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है. इसके बाद भी यह नॉर्थ-नॉर्थवेस्ट दिशा में बढ़ता रहेगा. अगले 24 घंटे में यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और म्यांमार के आसपास पहुंच सकता है. इसके बाद इसकी ताकत और कम होने का अनुमान है. यानी यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए कमजोर होता जाएगा.

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मिजोरम-त्रिपुरा की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

IMD के मुताबिक, कमजोर होने के बाद भी यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और म्यांमार के आसपास आगे बढ़ सकता है. इसकी दिशा मिजोरम और त्रिपुरा की तरफ भी रह सकती है. नॉर्थ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी के आसपास भी इसका असर बना रह सकता है. इससे पहले 29 सितंबर को दिन में यह सिस्टम करीब 32 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. बाद में इसकी रफ्तार कम हुई और रात 11:30 बजे तक यह करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था.

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बंगाल की खाड़ी में भी असर

इस मौसम सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी के आसपास मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. IMD के मुताबिक, अंडमान और निकोबार के कुछ इलाकों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी कुछ जगह बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने समुद्र की स्थिति को देखते हुए भी नजर बनाए रखने की बात कही है. अंडमान सागर में 30 सितंबर की रात तक करीब 1.1 से 2 मीटर ऊंची स्वेल वेव्स यानी लंबी समुद्री लहरें उठ सकती हैं.

धीरे-धीरे कम होगी ताकत

फिलहाल IMD के मुताबिक, इस डिप्रेशन के और मजबूत होने की संभावना नहीं है. यह नॉर्थ-नॉर्थवेस्ट दिशा में बढ़ते हुए कमजोर होगा. अगले 12 घंटे में इसके लो प्रेशर एरिया में बदलने का अनुमान है. इसके बाद यह सिस्टम म्यांमार, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और मिजोरम-त्रिपुरा के आसपास के इलाकों की तरफ बढ़ सकता है. मौसम विभाग इसकी दिशा और ताकत पर लगातार नजर रख रहा है.

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