रविवार को ग्रीस की राजधानी एथेंस के पश्चिम में साइथा क्षेत्र के पास जंगल की भीषण आग से लड़ते बुझाते हुए दो अग्निशमन हेलिकॉप्टर हवा में टकरा गए. ये दोनों बेल 214ST मॉडल के थे. ग्रीस की अग्निशमन सेवा ने इस मिड-एयर कोलिजन की पुष्टि की और तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया.
तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही थी और अटिका क्षेत्र में कई जगहों से लोगों को निकालना पड़ा. रिपोर्ट्स के अनुसार एक पायलट की मौत हो गई जबकि अन्य चालक दल के सदस्य घायल अवस्था में एक घाटी में मिले. उन्हें सैन्य अस्पताल में पहुंचाया गया. यह घटना ग्रीस के गर्मियों के जंगल की आग के मौसम में हुई जब कई इलाके पहले से ही लपटों में हैं.
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साइथा के आसपास की आग शुक्रवार से जल रही थी. तेज हवाओं ने इसे और भयावह बना दिया. हेलिकॉप्टर पानी डालने और आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार उड़ानें भर रहे थे. ऐसे अभियानों में कई विमान एक साथ काम करते हैं जिससे हवा में टकराव का खतरा बढ़ जाता है.
धुआं, कम दृश्यता और तेज हवाएं पायलटों के लिए स्थिति और जटिल बना देती हैं. अटिका क्षेत्र में कई गांवों और बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. अग्निशमन दल जमीनी और हवाई दोनों तरीकों से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मौसम की स्थिति उनके काम को मुश्किल बना रही है.
जोखिम और सुरक्षा के सबक
यह दुर्घटना अग्निशमन हेलिकॉप्टरों के अभियानों में छिपे खतरों को उजागर करती है. बेल 214ST जैसे हेलिकॉप्टर आग बुझाने में प्रभावी माने जाते हैं लेकिन सीमित जगह में कई मशीनों के संचालन से टकराव की संभावना रहती है. ग्रीस में हर साल गर्मी में जंगल की आग एक बड़ी समस्या बन जाती है.
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जलवायु परिवर्तन के कारण ये आग पहले से ज्यादा तीव्र और लंबे समय तक चलने वाली हो गई हैं. विशेषज्ञ कहते हैं कि बेहतर समन्वय, उन्नत रडार सिस्टम और पायलट ट्रेनिंग से ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है. चालक दल की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल सख्त करने की जरूरत है.
इस हादसे से न सिर्फ चालक दल प्रभावित हुए बल्कि आग बुझाने का अभियान भी प्रभावित हुआ. बचाव दल घाटी में फंसे घायलों को निकालने में जुटे हैं. ग्रीस सरकार और अग्निशमन सेवा पूरे मामले की जांच कर रही है. यह घटना याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से लड़ते हुए मानव जीवन कितना जोखिम भरा होता है.
आजतक साइंस डेस्क