एथेंस में जंगल की आग बुझा रहे दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए, पायलट की मौत

एथेंस के पास जंगल की आग बुझा रहे दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए. एक पायलट की मौत हो गई है. तेज हवाओं से आग फैल रही है, लोगों की निकासी जारी है.

Advertisement
एथेंस में जंगल की आग बुझा रहे दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए. (Screengrab: X/@BNODesk) एथेंस में जंगल की आग बुझा रहे दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए. (Screengrab: X/@BNODesk)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST

रविवार को ग्रीस की राजधानी एथेंस के पश्चिम में साइथा क्षेत्र के पास जंगल की भीषण आग से लड़ते बुझाते हुए दो अग्निशमन हेलिकॉप्टर हवा में टकरा गए. ये दोनों बेल 214ST मॉडल के थे. ग्रीस की अग्निशमन सेवा ने इस मिड-एयर कोलिजन की पुष्टि की और तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. 

तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही थी और अटिका क्षेत्र में कई जगहों से लोगों को निकालना पड़ा. रिपोर्ट्स के अनुसार एक पायलट की मौत हो गई जबकि अन्य चालक दल के सदस्य घायल अवस्था में एक घाटी में मिले. उन्हें सैन्य अस्पताल में पहुंचाया गया. यह घटना ग्रीस के गर्मियों के जंगल की आग के मौसम में हुई जब कई इलाके पहले से ही लपटों में हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: PAK ने भारत सीमा पर तैनात की चीन से मंगाई 250 हॉवित्जर तोप, 72 KM तक दागेंगी गोला

साइथा के आसपास की आग शुक्रवार से जल रही थी. तेज हवाओं ने इसे और भयावह बना दिया. हेलिकॉप्टर पानी डालने और आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार उड़ानें भर रहे थे. ऐसे अभियानों में कई विमान एक साथ काम करते हैं जिससे हवा में टकराव का खतरा बढ़ जाता है. 

धुआं, कम दृश्यता और तेज हवाएं पायलटों के लिए स्थिति और जटिल बना देती हैं. अटिका क्षेत्र में कई गांवों और बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. अग्निशमन दल जमीनी और हवाई दोनों तरीकों से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मौसम की स्थिति उनके काम को मुश्किल बना रही है.

Advertisement

जोखिम और सुरक्षा के सबक

यह दुर्घटना अग्निशमन हेलिकॉप्टरों के अभियानों में छिपे खतरों को उजागर करती है. बेल 214ST जैसे हेलिकॉप्टर आग बुझाने में प्रभावी माने जाते हैं लेकिन सीमित जगह में कई मशीनों के संचालन से टकराव की संभावना रहती है. ग्रीस में हर साल गर्मी में जंगल की आग एक बड़ी समस्या बन जाती है.

यह भी पढ़ें: 1900 ड्रोन, "1900 ड्रोन, 1600 बम, 144 मिसाइलें... पुतिन ने यूक्रेन में बरसाई मौत

जलवायु परिवर्तन के कारण ये आग पहले से ज्यादा तीव्र और लंबे समय तक चलने वाली हो गई हैं. विशेषज्ञ कहते हैं कि बेहतर समन्वय, उन्नत रडार सिस्टम और पायलट ट्रेनिंग से ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है. चालक दल की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल सख्त करने की जरूरत है.

इस हादसे से न सिर्फ चालक दल प्रभावित हुए बल्कि आग बुझाने का अभियान भी प्रभावित हुआ. बचाव दल घाटी में फंसे घायलों को निकालने में जुटे हैं. ग्रीस सरकार और अग्निशमन सेवा पूरे मामले की जांच कर रही है. यह घटना याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से लड़ते हुए मानव जीवन कितना जोखिम भरा होता है.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »