दो साल के बच्चे में दिखने लगे प्यूबर्टी के लक्षण, वजह कर देगी हैरान

कभी-कभी बच्चे अपनी उम्र से जल्दी बड़े हो जाते हैं. लेकिन 2 साल के बच्चे में अगर प्यूबर्टी के लक्षण दिखने लगें तो यह असामान्य है. जानिए इतने छोटे बच्चे में ऐसा क्यों हुआ होगा.

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दो साल के बच्चे में प्यूबर्टी के लक्षण दिखना असामान्य है (Photo: luke michael/Unsplash) दो साल के बच्चे में प्यूबर्टी के लक्षण दिखना असामान्य है (Photo: luke michael/Unsplash)

aajtak.in

  • ब्राइटन,
  • 19 जून 2022,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST
  • अर्ली प्यूबर्टी के मामले पहले भी सामने आए हैं
  • आर्टिफिशियल टेस्टोस्टेरोन के संपर्क में आने से हुआ ऐसा

ब्रिटेन के ब्राइटन (Brighton) शहर से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां दो साल के एक बच्चे में प्यूबर्टी (Puberty) यानी यौवन के लक्षण दिखाई देने लगे, जो नॉर्मल नहीं है. बच्चे के जननांगों के बाल बढ़ने लगे और उसके लिंग का आकार भी असामान्य रूप से बढ़ गया. दो साल के बच्चे के साथ ऐसा होना दुर्लभ है. लेकिन ये यह एक ऐसी समस्या है जिसका ज़िक्र मेडिकल लिटरेचर में कई बार किया गया है.

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दो साल के इस बच्चे की मां ने जब यह लक्षण देखे तो वह घबरा गई. उनका कहना था कि यह सामान्य नहीं था. बच्चा तेजी से बढ़ रहा था. उसकी लंबाई और वजन भी असामान्य था. एक साल की उम्र में बच्चे का वजन 12 किलो था. 12 से 18 महीने के बीच उसका वजन हर महीने 0.9 किलो बढ़ रहा था. शरीर में फैट नहीं था, ये केवल मांसपेशियां थीं.

क्या है प्यूबर्टी

सबसे पहले ये जान लेते हैं कि प्यूबर्टी क्या है. यह जीवन का वह समय होता है जब कोई लड़का या लड़की यौन रूप से परिपक्व हो जाते हैं. लड़कियों में प्यूबर्टी आमतौर पर 10 से 14 साल और लड़कों में 12 से 16 साल की उम्र में आती है. इसी से शरीर में बदलाव आते हैं.

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 लड़कों में प्यूबर्टी 12 से 16 साल की उम्र में आती है (सांकेतिक फोटो: pexels-pixabay)

बच्चे में सेक्स हार्मोन का स्तर ज्यादा था

बच्चे के ब्लड की जांच कराई गई तो पता चला कि उसमें टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर बहुत ज्यादा था. टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में प्राइमरी सेक्स हार्मोन होता है जो प्यूबर्टी के समय तेजी से बढ़ता है. लेकिन बच्चे में सेक्स हॉर्मोन इतनी मात्रा में कैसे आए, ये अब भी हैरान करने वाली बात थी. 

तब डॉक्टर ने अनुमान लगाया कि यह आर्टिफिशियल टेस्टोस्टेरोन ट्रीटमेंट के संपर्क में आने से हो सकता है. तब सामने आया कि बच्चे के पिता को बचपन से वृषण (Testicular condition) से जुड़ी गंभीर समस्या थी, जिसके लिए कई सालों से वह रोजाना अपनी त्वचा पर टेस्टोस्टेरोन जेल लगा रहे थे.

टेस्टोस्टेरोन जेल के संपर्क में आने से बच्चों में दिखती है अर्ली प्यूबर्टी 

यह टेस्टोस्टेरोन जेल आमतौर पर कंधों, ऊपरी बांहों या पेट पर लगाया जाता है, और त्वचा इसे अवशोषित कर लेती है. स्वाभाविक है कि बच्चा जब अपने पिता के संपर्क में आता होगा तो हार्मोन जेल से भी संपर्क में रहता होगा. 

टेस्टोस्टेरोन जेल के संपर्क में आने से होती है अर्ली प्यूबर्टी

ऐसी कई मेडिकल रिपोर्ट हैं जिनमें टेस्टोस्टेरोन जेल के संपर्क में आने पर युवा बच्चों में अर्ली प्यूबर्टी (Early puberty) दिखाई दी. 2007 की एक केस स्टडी में, अलबामा के डॉक्टरों ने बताया था कि एक 16 महीने के बच्चे में भी ये लक्षण देखे गए थे. वह भी अनजाने में अपने पिता के टेस्टोस्टेरोन जेल के संपर्क में आ गया था. 2008 में टेक्सास में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां एक 2 साल के बच्चे में प्यूबर्टी के लक्षण देखे गए. 

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इस केस स्टडी के मुताबिक जो मरीज़ इस तरह के प्रॉडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें टेस्टोस्टेरोन के संभावित जोखिमों के बारे में बताया जाना चाहिए, जिससे संपर्क में आए दूसरे लोगों को इस तरहकी परेशानी न हो.

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