केन्या के अंबोसेली इलाके में जून 2026 से हाथियों की रहस्यमयी मौत हो रही है. अब तक कम से कम 20 हाथी मर चुके हैं. इनमें ज्यादातर मादा और कम उम्र के नर हाथी हैं. इन हाथियों में एक जैसे लक्षण देखे गए. वे अचानक कमजोर पड़ने लगे, ठीक से चल नहीं पा रहे थे और कुछ के शरीर में लकवे जैसे लक्षण दिखे. Photo: AFP
कई हाथी जमीन पर गिर गए और दोबारा खड़े नहीं हो पाए. इसके बाद उनकी मौत हो गई. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आखिर इन हाथियों की मौत क्यों हो रही है. यह मामला दक्षिणी केन्या के अंबोसेली और आसपास के इलाकों का है. यह जगह तंजानिया की सीमा और माउंट किलिमंजारो के पास है. Photo: AFP
अंबोसेली अपने हाथियों के बड़े झुंड के लिए जाना जाता है. यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक हाथियों को देखने आते हैं. इसलिए लगातार हो रही मौतों से वन्यजीव अधिकारियों और विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है. हाथियों की मौत की वजह पता लगाने के लिए जांच चल रही है. Photo: AFP
जून के आखिर और जुलाई में बीमार हुए कई हाथियों में लगभग एक जैसे लक्षण दिखे. वे ठीक से चल नहीं पा रहे थे. कुछ हाथी चलते-चलते गिर गए और फिर उठ नहीं सके. कई हाथियों के पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों में लकवे जैसे लक्षण भी दिखे. केन्या वाइल्डलाइफ सर्विस की टीम मामले की जांच कर रही है. Photo: AFP
शुरुआती जांच में कुछ हाथियों के शरीर में साइनाइड की मात्रा ज्यादा मिली है. इसके बाद यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी जहरीले पदार्थ या कीटनाशक की वजह से तो हाथियों की मौत नहीं हो रही. साइनाइड मिलने के बाद जहर की आशंका जरूर जताई गई है, लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि मौत की यही वजह है. Photo: AFP
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर जहर की वजह से इतने हाथी मरे होते, तो उनके शव खाने वाले गिद्ध और दूसरे जानवर भी प्रभावित हो सकते थे. लेकिन अभी तक ऐसी बड़ी संख्या में दूसरी जानवरों की मौत की खबर नहीं है. इसी वजह से बीमारी की संभावना को भी देखा जा रहा है. हालांकि अब तक की जांच में ऐसी संक्रामक बीमारी के सबूत नहीं मिले हैं, जो एक हाथी से दूसरे हाथी में फैल रही हो. Photo: AFP
अंबोसेली के हाथी केन्या के लिए बहुत अहम हैं. यहां आने वाले पर्यटकों के लिए हाथियों को देखना सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है. पर्यटन से केन्या को बड़ी कमाई होती है. ऐसे में अगर हाथियों की मौत बढ़ती है, तो इसका असर वन्यजीवों के साथ पर्यटन पर भी पड़ सकता है. Photo: AFP
फिलहाल जांच जारी है. वैज्ञानिक और वन्यजीव अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाथियों की मौत बीमारी से हुई है, जहर से या किसी और वजह से. जब तक जांच पूरी नहीं होती, मौत की असली वजह बताना मुश्किल है. सबसे जरूरी यह पता लगाना है कि बाकी हाथियों को इस खतरे से कैसे बचाया जाए. Photo: AFP