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अल-नीनो का असर, डानुबे नदी का पानी घटा तो निकला हिटलर का युद्धपोत

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST
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यूरोप में तेज गर्मी और सूखे का असर अब नदियों पर भी दिख रहा है. सर्बिया के प्राहोवो के पास डानुबे नदी का पानी कम होने से 1944 में डूबा एक जर्मन युद्धपोत फिर दिखाई देने लगा है. ये जहाज द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सितंबर 1944 में पीछे हट रही जर्मन सेना ने डुबोए थे. Photo: AFP

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नदी का पानी कम होने से पुराने जहाजों का मलबा तो दिख रहा है, लेकिन इसके साथ बिजली उत्पादन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. डानुबे यूरोप की बड़ी नदियों में से एक है. यह 10 देशों से होकर गुजरती है. इस साल कई इलाकों में गर्मी ज्यादा रही और बारिश कम हुई.  Photo: AP

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इसका असर नदी के पानी पर पड़ा और कई जगह इसका स्तर काफी नीचे चला गया. हंगरी और रोमानिया के परमाणु बिजली संयंत्र डानुबे के पानी का इस्तेमाल मशीनों को ठंडा रखने के लिए करते हैं. पानी कम होने से दोनों देशों को अपने न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर चिंता करनी पड़ी है.  Photo: AP

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सितंबर 1944 में सोवियत सेना आगे बढ़ रही थी और जर्मन सेना पीछे हट रही थी. इसी दौरान जर्मन सेना ने डानुबे में कई जहाज डुबो दिए थे. सर्बिया के प्राहोवो के पास आज भी इन जहाजों का मलबा नदी में मौजूद है.  Photo: AFP
 

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जब नदी में पानी कम होता है तो इन जहाजों का कुछ हिस्सा बाहर दिखाई देने लगता है. इससे पहले भी कम पानी के समय इस इलाके में दूसरे पुराने जहाजों का मलबा सामने आ चुका है. डानुबे का पानी सिर्फ सर्बिया में ही कम नहीं हुआ है. हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में भी जुलाई के आखिर में नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया था.  Photo: AP
 

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यह वहां दर्ज सबसे कम स्तरों में से एक था. इस दौरान नदी का स्तर 28 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था. इससे पहले सबसे कम जलस्तर 33 सेंटीमीटर अक्टूबर 2018 में दर्ज किया गया था. इसका असर हंगरी के पाक्स परमाणु बिजली संयंत्र पर भी पड़ा. यह संयंत्र डानुबे के पानी का इस्तेमाल कूलिंग के लिए करता है.  Photo: AP

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पानी कम होने के कारण संयंत्र को बिजली उत्पादन कम करना पड़ा. यह संयंत्र हंगरी की बिजली जरूरतों का करीब आधा हिस्सा पूरा करता है. रोमानिया के सेर्नावोडा परमाणु बिजली संयंत्र के लिए भी डानुबे का पानी जरूरी है.  Photo: AP

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11 अगस्त को नदी का बहाव करीब 1,370 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गया. यह बहुत कम स्तर है. संयंत्र के दो रिएक्टरों में से एक को पहले ही बंद किया जा चुका है. अगर पानी और कम हुआ तो दूसरे रिएक्टर पर भी असर पड़ सकता है.  Photo: AFP

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दोनों रिएक्टर मिलकर रोमानिया की करीब 20 फीसदी बिजली देते हैं. इसलिए नदी में पानी कम होना वहां बिजली व्यवस्था के लिए भी चिंता की बात है. डानुबे का कम जलस्तर जहाजों की आवाजाही और दूसरे नदी से जुड़े कामों को भी प्रभावित कर सकता है.  Photo: AFP

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यूरोप में गर्मी और सूखे की वजह से कई नदियों में पानी कम हुआ है. ऐसे में डानुबे में 1944 का युद्धपोत फिर दिखना सिर्फ इतिहास से जुड़ी घटना नहीं है, बल्कि यह नदी में घटते पानी का भी साफ संकेत है.  Photo: AFP

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