Vastu Tips for Rasoi: भारतीय रसोई में तवे का केवल खाना बनाने का साधन नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में इसे घर की सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है. अक्सर देखा जाता है कि कुछ घरों में रोटी बनाने से पहले गर्म तवे पर पानी या दूध की छींटें मारी जाती हैं. वास्तु और परंपराओं के दृष्टिकोण से इसका क्या महत्व है और इसके पीछे क्या नियम हैं, आइए विस्तार से जानते हैं.
गर्म तवे पर दूध के छींटे, क्या कहता है वास्तु?
राहु-केतु के दोष से राहत
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, तवे का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है. गर्म तवे पर दूध के छींटे मारने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और घर की नकारत्मक ऊर्जा दूर होती है.
लक्ष्मी की कृपा
दूध को मां लक्ष्मी और चंद्र ग्रह का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि रोटी बनाने से पहले तवे पर दूध के छींटे मारने से घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती है.
ग्रहों का संतुलन
गर्म तवा पर ठंडा दूध छिड़कने से घर के वातावरण में संतुलन और शीतलता बनी रहती है.
गर्म तवे पर दूध या पानी छिड़कने के सही नियम
सीधे गर्म तवे पर दूध न जलाएं
तवा अत्यधिक गर्म नहीं होना चाहिए. बहुत ज्यादा गर्म तवे पर दूध छिड़कने से वह तुरंत जल जाता है और तेज धुआं निकलता है. वास्तु के अनुसार, दूध का तवे पर जलना और धुआं उठना अशुभ माना जाता है.
दूध में थोड़ा पानी मिलाएं
जब भी छींटे दें, दूध में थोड़ा सा जल मिलाकर ही छिड़कें.
पहली रोटी गाय के लिए निकालें
छींटे मारने के बाद जब आप पहली रोटी बनाएं, तो उसे घर के सदस्यों को न खिलाकर गाय के लिए अवश्य निकालें. इससे पितृदोष और गृहकलेश शांत होते हैं.
इन बातों का विशेष ध्यान रखें
तवे की सफाई: खाना पकाने के बाद तवे को हमेशा साफ करके ही रखें. गंदा तवा रसोई में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है.
तवे को उल्टा न रखें: उपयोग के बाद तवे को कभी भी उल्टा करके न रखें, यह घर में आर्थिक संकट ला सकता है.
तवे को छिपाकर रखें: तवा रसोई में ऐसी जगह रखें जहां बाहर से आने वाले किसी अनजान व्यक्ति की सीधी नजर उस पर न पड़े.
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