Vastu Tips: कमाई गुल, फंस जाएगी मोटी रकम! नई दुकान शुरू करते वक्त न करें ये 2 गलती

नई दुकान या फैक्ट्री शुरू करने से पहले कार्यस्थल की दिशा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर से पूर्व की दिशा हल्की और दक्षिण से पश्चिम तक की दिशा भारी होना चाहिए. इसके अलावा भी कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

Advertisement
नई दुकान या फैक्ट्री शुरू करने जा रहे हैं तो वास्तु शास्त्र की ये बातें रखें याद. (Photo: ITG) नई दुकान या फैक्ट्री शुरू करने जा रहे हैं तो वास्तु शास्त्र की ये बातें रखें याद. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

नई दुकान, फैक्ट्री, शोरूम या किसी भी रूप में नया व्यवसाय शुरू कर रहे हैं तो उसकी दिशा पर ध्यान देना जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर से पूर्व की दिशा हल्की और दक्षिण से पश्चिम तक की दिशा भारी होना चाहिए. मतलब उत्तर और पूर्व का क्षेत्र थोड़ा खुला होना चाहिए. आइए आज इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

Advertisement

अच्छी कमाई के लिए क्या करें?
यदि आपके प्रोडक्ट की सेल अच्छी बनी रहे तो इसके लिए जल तत्व की दिशा उत्तर और वायु तत्व की पूर्व दिशा का विशेष ख्याल रखें. उत्तर दिशा आपके पास ग्राहक को लेकर आती है और पूर्व दिशा उन्हें आपसे जोड़े रखने में मदद करती है. यदि ग्राहक नहीं आते या सेल हो नहीं रही तो उत्तर दिशा में नकारात्मकता है. और यदि ग्राहक आने के बाद भी आपसे जुड़ नहीं पाते तो पूर्व दिशा में दोष है.

वास्तु के अनुसार, इस दिशा में टॉयलेट, स्टोर रूम, रसोई या लाल व पीला रंग का होना वास्तु दोष पैदा करते हैं. जो लोग मार्केटिंग के काम से जुड़े हैं या ऑफिस की मार्केटिंग टीम के लोग पूर्व दिशा में बैठकर काम करते हैं तो व्यापार में अच्छे कनेक्शन बनने की संभावना बढ़ती है.

Advertisement

ब्रांड बनाने में दक्षिण दिशा का कमाल
बहुत मेहनत करने पर भी आपके व्यवसाय (शो-रूम, या प्रोडक्ट) को प्रसिद्धि नहीं मिल रही है तो अपने व्यवसायिक स्थल की दक्षिण दिशा को ध्यान से देखें. प्रसिद्धि या अच्छा नाम बनाने के लिए दक्षिण दिशा का संतुलित होना बहुत जरूरी है. यहां टॉयलेट और नीला-काला रंग आपके नाम को खराब कर सकता है. ऐसे में बहुत मेहनत करने पर भी आपको वो सफलता नहीं मिलेगी, जो मिलनी चाहिए. 

व्यापार में कभी नहीं फंसेगी रकम
माल देने के बाद भी लम्बे समय तक ग्राहक पैसा नहीं देता है. पैसा अटक जाता है, जिसके कारण कैश फ्लो गड़बड़ होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है तो अपने व्यवसायिक स्थल की दक्षिण-पश्चिम दिशा को संतुलित करें. ऐसा हो रहा है तो अवश्य ही इस दिशा में टॉयलेट, टी-एलीमेंट या काला व नीला रंग हो सकता है, जो वास्तु दोष पैदा कर रहा है. यहां बोरिंग का होना या स्टोर रूम का होना भी वास्तु दोष पैदा करता है.

अग्नि तत्व को संतुलित रखें
व्यापार में नाम और पैसा दोनों बना रहे, इसके लिए अग्नि तत्व की दिशाओं का विशेष ध्यान रखें. अग्नि तत्व को ठीक रखे बिना व्यापार चल ही नहीं सकता. यहां किसी भी प्रकार का वास्तु दोष न हो और यह दिशा व्यवसायिक स्थल के अन्य हिस्से से नीचे दबी हुई या ढलान पर न हो.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »