Vastu Tips: आज के दौर में जहां लोगों की लाइफस्टाइल काफी व्यस्त हो चुकी है, वहीं शहरों के छोटे फ्लैट्स और कम रोशनी वाले कमरों में असली पेड़-पौधों की देखभाल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. ऐसे में घर के इंटीरियर को खूबसूरत और हरा-भरा दिखाने के लिए लोग धड़ल्ले से आर्टिफिशियल प्लांट्स (Artificial Plants) यानी नकली पौधों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन्हें न तो रोज पानी देने की जरूरत होती है और न ही धूप दिखाने का झंझट रहता है. हालांकि, दिखने में आकर्षक लगने वाले ये कृत्रिम पौधे आपकी सहूलियत तो बढ़ा देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र और फेंगशुई के जानकारों के अनुसार ये घर में वास्तु दोष का कारण भी बन सकते हैं. आइए जानते हैं कि घर में नकली पौधे रखते समय किन जरूरी नियमों का ध्यान रखना चाहिए.
क्यों खास माना जाता है असली और नकली पौधों का अंतर?
सकारात्मक ऊर्जा का संचार: वास्तु शास्त्र के अनुसार, जीवित और प्राकृतिक पौधे प्रकृति के पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के संतुलन का प्रतीक होते हैं, घर में पॉजिटिव एनर्जी फैलाते हैं.इसके विपरीत, कृत्रिम पौधों में जीवन या प्राकृतिक ऊर्जा नहीं होती है.
आध्यात्मिक और मानसिक प्रभाव: असली पौधे पर्यावरण को शुद्ध करके मानसिक शांति देते हैं, जबकि प्लास्टिक या सिंथेटिक पौधों से वैसी जीवंतता नहीं मिलती.घर में आर्टिफिशियल प्लांट्स रखते समय इन बातों का रखें खास ख्याल:
1. साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि लोग आर्टिफिशियल पौधे लाकर रख देते हैं, उनकी नियमित सफाई भूल जाते हैं.इन पर जमी धूल और गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है.इसलिए समय-समय पर इनकी अच्छी तरह सफाई करें.
2. पूजा घर में न रखें नकली फूल या पौधे
वास्तु के नियमों के अनुसार, मंदिर या पूजा स्थल के आसपास कभी भी प्लास्टिक या कृत्रिम फूल-पत्तियां नहीं लगानी चाहिए.भगवान के समक्ष हमेशा ताजे और असली फूलों को ही अर्पित करना शुभ माना जाता है.
3. रंग और डिजाइन का चुनाव
बाजार से बहुत ज्यादा भड़कीले, चमकीले या अजीब डिजाइन वाले कृत्रिम पौधे लाने से बचें.हमेशा ऐसे आर्टिफिशियल प्लांट्स चुनें जो देखने में बिल्कुल नेचुरल और सोबर लगें, ताकि वे घर की सुंदरता बढ़ाएं न कि अजीब लगें.
4. टूटे-फूटे पौधों को तुरंत हटाएं
अगर कोई आर्टिफिशियल प्लांट पुराना होकर फीका पड़ गया है, उसका रंग उड़ गया है या वह टूट-फूट गया है, तो उसे तुरंत घर से बाहर कर दें.घर में खंडित या बेजान चीजें रखना वास्तु के लिहाज से बहुत अशुभ माना जाता है.
5. सही संतुलन बनाएं
यदि आपके पास समय और थोड़ी सी भी जगह है, तो घर में पूरी तरह प्लास्टिक के पौधों पर निर्भर रहने के बजाय कम से कम एक-दो असली पौधे (जैसे मनी प्लांट, स्नेक प्लांट या तुलसी) जरूर लगाएं.असली और नकली पौधों के बीच का यह संतुलन घर के वातावरण को बेहतर रखता है.
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