6 नवंबर को शुक्र ने कन्या राशि में वक्रीय और नीच अवस्था में प्रवेश किया था जिससे सूर्य के नकारात्मक प्रभावों में वृद्धि हुई. सूर्य शुक्र की ही तुला राशि में नीच होकर और नीच के मंगल से दृष्ट होकर गोचर कर रहे हैं. ऐसे में 16 नवंबर 2026 तक का समय सरकारी नौकरी करने वालों और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए जोखिमभरा नजर आ रहा है. सूर्य को सत्ता, सरकार, प्रशासन, उच्च पद, प्रतिष्ठा, आत्मसम्मान और नेतृत्व का कारक माना जाता है. ऐसे में सूर्य की कमजोर स्थिति को पद-प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में चुनौतियों के रूप में देखा जा रहा है.
अधिकारियों से विवाद की संभावना
सूर्य सरकारी तंत्र, प्रशासन और उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में सरकारी विभागों में कार्यरत लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यवहार में विशेष सावधानी रखनी चाहिए. किसी बात पर अहंकार, जल्दबाजी या तीखी प्रतिक्रिया देना नुकसानदेह हो सकता है. कार्यस्थल पर छोटी सी असहमति भी बड़ा विवाद बन सकती है. जिन लोगों के पदोन्नति, स्थानांतरण, विभागीय जांच या महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों से जुड़े मामले चल रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए. किसी भी दस्तावेज या आधिकारिक आदेश को बिना पढ़े स्वीकार करना उचित नहीं होगा.
राजनीति से जुड़े लोग भी रहें सतर्क
राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों के लिए भी यह समय प्रतिष्ठा की परीक्षा लेने वाला हो सकता है. सूर्य नेतृत्व, जनप्रतिनिधित्व और सम्मान का कारक है. जबकि मंगल आक्रामकता और विवाद को बढ़ाने वाला ग्रह माना जाता है. मंगल की दृष्टि से राजनीतिक बयानबाजी में उग्रता, विरोधियों से टकराव और सार्वजनिक मंचों पर विवाद की स्थिति बन सकती है. जल्दबाजी में दिया गया बयान या सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है. जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को अपने व्यवहार और निर्णयों में संयम रखना होगा.
16 नवंबर के बाद बदलेगी सूर्य की स्थिति
16 नवंबर को सूर्य तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही सूर्य की नीच राशि की स्थिति समाप्त हो जाएगी. इससे पद, प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी परिस्थितियों में सुधार की संभावना बन सकती है. तब तक सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, नेता और राजनीति में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे लोगों को विशेष रूप से अपने सम्मान, व्यवहार और निर्णयों का ध्यान रखना चाहिए.
अंशु पारीक