Shadashtak Yog: 17 अक्टूबर से सूर्य-शनि का अशुभ योग! 3 राशियों की बढ़ेगी टेंशन, रहें सतर्क

Shadashtak Yog: 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है. जानें सिंह, मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान करियर, धन और रिश्तों के मामले में किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए.

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17 अक्टूबर 2026 को सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है. 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

ग्रहों की चाल में बदलाव को वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है.  17 अक्टूबर 2026 को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश के साथ सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है.  इस योग को कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण माना जाता है.  ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, सिंह, मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान कामकाज, आर्थिक फैसलों और रिश्तों के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.  ऐसे में जल्दबाजी से बचना और सोच-समझकर फैसले लेना जरूरी होगा. आइए जानते हैं षडाष्टक योग से किन तीन राशियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

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क्या होता है सूर्य-शनि का षडाष्टक योग?

वैदिक ज्योतिष में जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित होते हैं, तो उनके बीच षडाष्टक संबंध माना जाता है.  सूर्य और शनि के बीच बनने वाले इस संबंध को ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जाता है. 

सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और पिता का कारक माना जाता है.  वहीं, शनि कर्म, अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारियों से जुड़े हैं.  ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों ग्रहों के बीच षडाष्टक संबंध बनने पर कुछ लोगों को कामकाज में दबाव, जिम्मेदारियों में बढ़ोतरी या फैसले लेने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. 

1. सिंह राशि: गुस्से और अहंकार पर रखें नियंत्रण

सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं.  ऐसे में सूर्य से जुड़े गोचर को इस राशि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.  इस अवधि में कामकाज की जिम्मेदारियां बढ़ने या सहकर्मियों के साथ विचारों में मतभेद होने की आशंका जताई जा सकती है. 

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कार्यक्षेत्र में अपनी बात रखते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.  किसी वरिष्ठ अधिकारी या सहकर्मी से असहमति होने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें.  कारोबार करने वालों को किसी नए समझौते पर आगे बढ़ने से पहले सभी शर्तों की जांच करनी चाहिए. 

आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना और गैरजरूरी खर्चों से बचना बेहतर रहेगा.  परिवार में भी बातचीत के दौरान धैर्य बनाए रखें. 

2. मेष राशि: आर्थिक फैसलों में बरतें सावधानी

मेष राशि के जातकों को इस अवधि में आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है.  किसी नए निवेश या बड़े खर्च की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपनी जरूरतों और बजट का आकलन करें. 

नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए.  सहकर्मियों के साथ बातचीत में संयम रखें , किसी भी विवाद को बढ़ाने से बचें.  कारोबारियों को नए सौदे या साझेदारी तय करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए. 

3. वृश्चिक राशि: कामकाज में जल्दबाजी से बचें

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इस दौरान कामकाज और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जा सकता है.  किसी योजना में देरी होने पर निराश होने के बजाय काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएं. 

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आर्थिक मामलों में जोखिम भरे फैसलों से बचें. किसी की बातों में आकर बिना जांच-पड़ताल के पैसा न लगाएं.  परिवार और रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए स्पष्ट बातचीत करें.  किसी महत्वपूर्ण निर्णय पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना बेहतर रहेगा. 

सूर्य और शनि के योग में किन बातों का रखें ध्यान?

ज्योतिषीय मान्यताओं में सूर्य को आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा, जबकि शनि को कर्म और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है.  इस अवधि में कुछ व्यावहारिक बातों का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है. 

कार्यक्षेत्र: सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें. 

आर्थिक मामले: निवेश या कर्ज से जुड़े फैसले लेने से पहले जोखिम समझें. 

रिश्ते: छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने से बचें. 

दिनचर्या: काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें. 

निर्णय: जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम उठाने के बजाय तथ्यों की जांच करें. 

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