सूर्य ने 17 अगस्त 2026 को सिंह राशि और मघा नक्षत्र में गोचर किया था. इस गोचर के साथ ही सूर्य केतु के प्रभाव में आ गए हैं. दरअसल, सिंह राशि में केतु पहले से बैठा है और मघा नक्षत्र का स्वामी भी केतु ही है. ज्योतिषविदों का कहना है कि 17 सितंबर को सूर्य जब सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में जाएंगे, तभी वो केतु के प्रभाव से पूरी तरह बाहर आएंगे. तब तक तीन राशियों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. आइए जानते हैं कि यह परिवर्तन अगले एक महीने तक किन राशियों को कष्ट देने वाला है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य का मघा नक्षत्र में गोचर करियर से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस के साथ बहस करने से बचना बेहतर रहेगा. गुस्से में लिया गया कोई बड़ा फैसला परेशानी खड़ी कर सकता है. अगर आप किसी नए प्रोजेक्ट में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल कर लें. बिना पर्याप्त जानकारी के बड़ी रकम निवेश करने से धन फंसने की आशंका है. इसलिए इस अवधि में धैर्य के साथ फैसले लेना जरूरी होगा.
उपाय: रोज सुबह तांबे के लोटे में जल और चुटकी भर रोली मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें.
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए सूर्य की यह स्थिति अष्टम भाव से जुड़ी है. इस दौरान यात्रा और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. कोर्ट-कचहरी या सरकारी कागजी कार्रवाई से जुड़े मामलों में लापरवाही से बचें और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें. अचानक होने वाले खर्च आपकी आर्थिक योजना को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में बजट को ध्यान में रखकर ही खर्च करना बेहतर रहेगा. इस अवधि में किसी को उधार देने से भी बचने की सलाह दी गई है.
उपाय: रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर सप्तम भाव से जुड़ा है, जो साझेदारी और दांपत्य जीवन से संबंधित माना जाता है. इस दौरान जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं. अहंकार या छोटी बातों को लेकर तनाव की स्थिति बनने से बचना जरूरी होगा. कारोबार में पार्टनरशिप से जुड़े मामलों में भी गलतफहमी हो सकती है. किसी महत्वपूर्ण फैसले से पहले पार्टनर के साथ स्पष्ट बातचीत करें.
उपाय: गेहूं-गुड़ या सूर्य से जुड़ी चीजों का दान करें.
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