Surya Grahan 2026: दिन में छाएगा अंधेरा! सूर्य ग्रहण कल, जानें किन लोगों पर लागू होगा सूतक

12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, रात 9 बजकर 4 मिनट से लेकर रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहने वाला है. इस सूर्य ग्रहण का पीक टाइम रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा. ग्रहण के समय भारत में रात होगी. इसी वजह से भारत में ग्रहण की दृश्यता और सूतक के नियम लागू नहीं होंगे. जब कोई सूर्य ग्रहण भारत में दिखता है तो सूतक काल के नियम 12 घंटे पहले लागू हो जाते हैं.

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भारत में रहने वाले लोगों पर इस सूर्य ग्रहण का काई प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण यहां दिखाई ही नहीं देगा. (Photo: ITG) भारत में रहने वाले लोगों पर इस सूर्य ग्रहण का काई प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण यहां दिखाई ही नहीं देगा. (Photo: ITG)

प्रवीण मिश्र, ज्योतिषी

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST

12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा. यह खगोलीय घटना दुनिया के कुछ हिस्सों में दिन के समय अंधेरा कर देगी. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह ग्रहण कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में लगेगा. हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ग्रहण का समय क्या रहेगा? इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं? और सूर्य ग्रहण का प्रभाव किन लोगों पर सबसे ज्यादा हो सकता है? इसके बारे में ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने विस्तार से जानकारी दी है.

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कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, रात 9 बजकर 4 मिनट से लेकर रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहने वाला है. इस सूर्य ग्रहण का पीक टाइम रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण जिन इलाकों में दिखाई देगा, वहां दिन के समय कुछ देर के लिए अंधेरा छा सकता है. यह घटना खगोल विज्ञान में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसे देखने के लिए दुनिया के कई हिस्सों में लोग विशेष तैयारी करते हैं.

किन देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त को ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल जैसी जगहों पर लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकेंगे. यहां पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पूरी तरह ढका हुआ नजर आएगा और दिन में कुछ समय के लिए अंधेरा जैसा माहौल बन सकता है. वहीं, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के कुछ हिस्सों में सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई दे सकता है.

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क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
भारत में रहने वाले लोगों पर इस सूर्य ग्रहण का काई प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण यहां दिखाई ही नहीं देगा. ग्रहण के समय भारत में रात होगी. इसी वजह से भारत में ग्रहण की दृश्यता और सूतक के नियम लागू नहीं होंगे. जब कोई सूर्य ग्रहण भारत में दिखता है तो सूतक काल के नियम 12 घंटे पहले लागू हो जाते हैं.

किन लोगों पर लागू होंगे सूतक के नियम?
ज्योतिषाचर्य प्रवीण मिश्र के मुताबिक, अगर भारत का कोई व्यक्ति किसी ऐसे देश या क्षेत्र में रह रहा है, जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा है तो वहां स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार सूतक और ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन करने की बात कही गई है. ऐसे लोगों को पूजा-पाठ या भगवान की प्रतिमा के स्पर्श से बचना चाहिए. जोखिम भरे कार्यों से बचें. नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण को न देखें. गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष तौर पर अपना ख्याल रखें.

ग्रहण के बाद करें शिवजी की पूजा
यह सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन लग रहा है. ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद 13 अगस्त की सुबह स्नान करके घर के मंदिर में पूजा करने की सलाह दी गई है. सावन का महीना होने के कारण शिव मंदिर जाकर भगवान शिव के संयुक्त परिवार का जलाभिषेक करें. गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें. भगवान शिव को तिलक और अक्षत अर्पित करने तथा बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद भगवान शिव की आरती कर ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने की प्रार्थना करें.

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