Hindu Nav Varsh: हिंदू नव वर्ष पर नीम क्यों खाया जाता है? जानिए इससे जुड़ी मान्यताएं और फायदे

Hindu Nav Varsh: नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व है. माना जाता है कि दिन की सकारात्मक शुरुआत से पूरा वर्ष मंगलमय बीतता है. इसी दिन भारत के कई हिस्सों में नीम की पत्तियां खाने की एक विशेष परंपरा भी है. क्या आप जानते हैं इसके पीछे का रहस्य

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:48 AM IST

Hindu New Year 2026:  हिंदू धर्म में नव संवत्सर यानी हिंदू नववर्ष का विशेष महत्व माना जाता है. पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है. साल 2026 में 19 मार्च को हिंदू नववर्ष मनाया जाएगा. इसी दिन से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस दिन नववर्ष शुरू होता है, उसी दिन का ग्रह उस वर्ष का राजा माना जाता है. इस बार नववर्ष गुरुवार के दिन शुरू हो रहा है, इसलिए वर्ष के राजा गुरु ग्रह होंगे, जबकि मंत्री मंगल को माना जा रहा है. 

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इस दिन लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करते हैं, पूजा-पाठ करते हैं, दान करते हैं और पूरे साल के लिए अच्छे संकल्प लेते हैं. माना जाता है कि साल की शुरुआत अगर सकारात्मक तरीके से की जाए तो उसका असर पूरे वर्ष पर पड़ता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि इस दिन भारत के कई जगहों पर नीम खाने की परंपरा भी है. 

नीम खाने की परंपरा

भारत के कई हिस्सों में हिंदू नववर्ष के दिन नीम की पत्तियां खाने की परंपरा भी निभाई जाती है. खासतौर पर गुड़ी पड़वा और उगादी के मौके पर लोग नीम का सेवन करते हैं. कई जगहों पर नीम की पत्तियों को गुड़, इमली या कच्चे आम के साथ मिलाकर खाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह परंपरा जीवन के मीठे और कड़वे अनुभवों को स्वीकार करने का प्रतीक है. इसका संदेश है कि आने वाला साल सुख-दुख, सफलता और चुनौतियों से भरा हो सकता है. हमें हर परिस्थिति को संतुलन के साथ स्वीकार करना चाहिए. 

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इसके साथ ही यह परंपरा स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई मानी जाती है. हिंदू नववर्ष आमतौर पर वसंत ऋतु में आता है, जब मौसम बदलता है तो संक्रमण या एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है. मान्यता है कि नीम का सेवन शरीर को शुद्ध करने और रोगों से बचाने में मदद करता है.

नववर्ष के पहले दिन क्या न करें

  • तामसिक भोजन करने से बचें.
  • किसी पर क्रोध या नाराजगी न दिखाएं.
  • किसी से झगड़ा या विवाद न करें.
  • इस दिन किसी से उधार न लें और न ही किसी को उधार दें.
  • किसी का अपमान करने से बचें.

नववर्ष के पहले दिन क्या करना शुभ माना जाता है

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें. जरूरतमंद लोगों को दान दें. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पर घट स्थापना करके माता दुर्गा की पूजा करें. घर को साफ-सुथरा और पवित्र रखें. धार्मिक मान्यता है कि इन बातों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. 

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