विक्रम संवत (Vikram Samvat) को ही हिंदू नववर्ष कहा जाता है (Hindu New Year). प्राचीन काल से प्रचलित भारतीय कैलेंडर, प्रतिपदा, यानी चैत्र शुक्ल का पहले दिन से शुरू होता है. यह युगबाध संवत पवित्र दिन को चिह्नित करता है जब ब्रह्माजी ने ब्रह्मांड का निर्माण किया था. हिंदू नव वर्ष पंचांग यानी हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है (Hindu Lunar Calendar). विक्रम संवत का वर्तमान काल 57 ईसा पूर्व में माना जाता है. यह दिन एक कृषि फसल की समाप्ति और एक नई फसल की शुरुआत का भी प्रतीक है.
चंद्र कैलेंडर में गणना के अनुसार, हिंदू नव वर्ष का सटीक दिन हर साल बदलता है. भारत में प्रत्येक राज्य उस विशेष क्षेत्र के रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हुए नए साल को अपने अनूठे तरीके से मनाता है.
जहां इंगलिश कैलेंडर के मुताबिक यह 2023 है वहीं, 22 मार्च 2023 से हिंदू नववर्ष 'विक्रम संवत 2080' शुरु होगा (Hindu New Year 2023).
इतिहास के अनुसार इस दिन राजा शालिवाहन ने शकों पर विजय प्राप्त की और फिर, विक्रमादित्य ने उन्हें भारत भूमि से हमेशा के लिए शालिवाहन और विक्रम संवत्स से निकाल दिया था. उन गौरवशाली क्षणों और जीत का स्मरण करते इस दिन घर-घर भगवा पताका फहराई जाती है. इस प्रकार अध्यात्म के अलावा, प्रतिपदा को राष्ट्रीय विजय का भी प्रतीक माना जाता है (Hindu New Year History).
Vikram Samwat Rashifal: हिंदू धर्म में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत की शुरुआत हो चुकी है. इसे भारतीय नववर्ष भी कहा जाता है. इसका आरंभ विक्रमादित्य ने किया था अतः इसको विक्रम संवत भी कहा जाता है. इस दिन से वासंतिक नवरात्र की शुरुआत भी होती है.
Hindu Nav Varsh 22026 Rashifal: हिंदू नववर्ष 2026 की शुरुआत हो चुकी है. जानें मेष, सिंह, धनु, कुंभ और मीन राशि के लिए कैसा रहेगा यह साल और किन चुनौतियों का करना पड़ेगा सामना.
Hindu Nav Varsh 2026 Rashifal: हिंदू नववर्ष की शुरुआत आज से हो चुकी है. ज्योतिष के अनुसार, इस साल गुरु राजा और मंगल मंत्री रहेंगे. ग्रहों की खास स्थिति और अधिक मास के कारण यह साल कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और नए अवसर लेकर आ सकता है.
Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू नववर्ष 2026 यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो चुकी है. जानें रौद्र संवत्सर में कौन होंगे राजा और मंत्री, ग्रहों की स्थिति क्या संकेत दे रही है और साल कैसा रहने वाला है.
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष यानी नव संवत्सर की शुरुआत होती है. इस साल 19 मार्च से हिंदू नववर्ष 'विक्रम संवत 2083' शुरू होगा. इस नववर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. मान्यता है कि इस दिन कुछ शुभ कार्य करने से पूरा वर्ष मंगलमय बन सकता है.
19 मार्च से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होने जा रही है. इस संवत के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे. बृहस्पति के राजा होने से स्थितियां थोड़ी बेहतर होंगी. हालांकि मंत्री मंगल होने से जन साधारण को समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है.
Hindu Nav Varsh Predictions 2026: 19 मार्च यानी कल से हिंदू नववर्ष 2026 की शुरुआत होने जा रही है जिसको रौद्र संवत्सर भी कहा जा रहा है. ज्योतिषियों ने इस नववर्ष को रौद्र संवत्सर कई कारणों और कई डरावनी भविष्यवाणियों की वजह से कहा है. तो आइए जानते हैं कि उन खास भविष्यवाणियों और वजहों के बारे में.
Hindu Nav Varsh 2026 Rashifal: हिंदू नववर्ष 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है. इस बार रौद्र संवत्सर 13 महीनों का होगा. जानें किन 5 राशियों को अपराजेय योग के साथ धन, करियर और सफलता का लाभ मिल सकता है.
Hindu New Year 2026: हिंदू नव वर्ष 2026 के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में किए गए कुछ विशेष पूजा-पाठ और उपाय पूरे साल धन, नौकरी और सुख-समृद्धि के योग बना सकते हैं. जानिए ब्रह्म मुहूर्त में करने वाले शुभ कार्य और उनका धार्मिक महत्व.
Hindu Nav Varsh 2026: 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है. इस साल गुरु राजा और मंगल मंत्री होंगे. ज्योतिष के अनुसार, इस संयोग का मिथुन, तुला, धनु और मकर राशि पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है.
Hindu Nav Varsh: नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व है. माना जाता है कि दिन की सकारात्मक शुरुआत से पूरा वर्ष मंगलमय बीतता है. इसी दिन भारत के कई हिस्सों में नीम की पत्तियां खाने की एक विशेष परंपरा भी है. क्या आप जानते हैं इसके पीछे का रहस्य
Hindu New Year 2026: 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी. इस साल अधिक मास के कारण 13 महीने होंगे और इसे रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है. जानें इस नए हिंदू वर्ष में ग्रहों की स्थिति और 12 राशियों पर इसका क्या असर पड़ेगा.
Hindu New Year 2026: इस साल 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी. खास बात यह है कि इस संवत्सर में अधिक मास के कारण साल में 13 महीने होंगे. जानें रौद्र संवत्सर, ग्रहों की स्थिति और हिंदू नव वर्ष का महत्व.
Hindu New Year 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होगी और इसी दिन विक्रम संवत 2083 शुरू होगा. इस साल अधिक मास के कारण हिंदू पंचांग में 13 महीने होंगे. जानें अधिक मास, ज्येष्ठ मास दो बार क्यों आएगा और हिंदू नववर्ष का महत्व.
Chaitra Navratri 2026 Sanyog: चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे हैं और 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होंगे. इस बार 89 साल बाद एक खास संयोग बन रहा है, जब नवरात्र पुराने साल में शुरू होकर नए साल में खत्म होंगे. गुरुवार से शुरुआत होने के कारण मान्यता है कि मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी, जिसे ज्योतिष में खास संकेत माना जाता है.
19 मार्च से 'हिंदू नववर्ष 2083' प्रारंभ हो रहा है जिसे रौद्र संवत्सर नाम दिया गया है. इसके राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि इस नए वर्ष में दो राशियों को धन-संपत्ति का लाभ मिल सकता है.
Chandrma Gochar: 9 मार्च 2026 को चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इस गोचर का मेष, मिथुन और धनु राशि पर क्या होगा प्रभाव? जानें अपनी राशि के लिए विशेष सावधानियां और उपाय.
Hindu Nav Varsha 2026: 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष और विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होने जा रही है. ज्योतिष के अनुसार, इस साल गुरु, राहु और शनि की ग्रह स्थिति कुछ राशियों के लिए शुभ मानी जा रही है. मिथुन, तुला, धनु, मकर और मीन राशि के जातकों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में अच्छे अवसर मिलने के संकेत हैं.
Hindu Nav Varsh 2026: 19 मार्च 2026 से हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत होगी, जिसे रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस साल राजनीति, अर्थव्यवस्था और मौसम पर इसका खास असर देखने को मिल सकता है. जानें नव संवत्सर 2083 से जुड़े संकेत और इसका महत्व.
Hindu Nav Varsh 2026: 19 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है. जानें इस साल के राजा-मंत्री कौन होंगे और रौद्र संवत का देश-दुनिया पर क्या असर पड़ेगा.
Hindu New Year 2026: हिंदू नववर्ष 2026, 19 मार्च को मनाया जाएगा, जो विक्रम संवत 2083 की शुरुआत भी होगी. यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी दिन चैत्र नवरात्र भी शुरू होती है.