Shukra Vakri 2026: 3 अक्टूबर से उल्टी चाल चलेंगे शुक्र! इन 4 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, अगले 42 दिनों तक रहना होगा बेहद सतर्क

Shukra Vakri 2026: दिक ज्योतिष के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को धन और वैभव के कारक शुक्र अपनी स्वराशि तुला में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. शुक्र के इस बदलाव से कई राशियों पर खतरा मंडरा रहा है. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.

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शुक्र देव 14 नवंबर तक वक्री अवस्था में ही संचरण करेंगे. (Photo: ITG) शुक्र देव 14 नवंबर तक वक्री अवस्था में ही संचरण करेंगे. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:32 AM IST

Shukra Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में दैत्य गुरु शुक्र ग्रह को धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य, साझेदारी और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 45 मिनट शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में उल्टी चाल यानी वक्री (Retrograde) होना शुरू हो जाएंगे. शुक्र लगभग 42 दिनों तक (14 नवंबर 2026 तक) इसी अवस्था में रहेंगे. 

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई शुभ ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव काफी तीव्र हो जाता है. शुक्र के वक्री होने से व्यक्ति के प्रेम संबंधों, बजट, सुख-सुविधाओं और व्यापारिक समझौतों पर सीधा असर पड़ता है. वैसे तो इस बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस 42 दिनों की अवधि में बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है. आइए जानते हैं कि 3 अक्टूबर से शुरू हो रही शुक्र की वक्री चाल से किन राशियों को संभलकर रहने की जरूरत है.

सिंह राशि (Leo)

शुक्र की वक्री चाल के दौरान आपके भाई-बहनों या सहकर्मियों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. बिना सोचे-समझे किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची या लग्जरी वस्तुओं की खरीदारी से बचें. कार्यक्षेत्र में अपनी भाषा पर संयम रखें, क्योंकि आपकी बातें दूसरों को चुभ सकती हैं.

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वृश्चिक राशि (Scorpio)

शुक्र आपके द्वादश (12वें) भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे अचानक बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं. किसी को भी बड़ा कर्ज या उधार देने से बचें, वरना पैसा अटक सकता है. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और कानूनी या अदालती मामलों में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

मकर राशि (Capricorn)

दशम भाव पर वक्री प्रभाव के कारण नौकरी और बिजनेस में काम का दबाव अचानक बढ़ सकता है. दफ्तर में उच्च अधिकारियों या क्लाइंट्स के साथ वाद-विवाद से दूर रहें. किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत में दस्तावेज (Documents) को अच्छी तरह जांच-परखकर ही आगे बढ़ें.

मीन राशि (Pisces)

आठवें भाव में शुक्र का वक्री होना वैवाहिक जीवन और साझेदारी के काम में तनाव उत्पन्न कर सकता है. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ पारदर्शिता बनाकर रखें. पुरानी दबी हुई बातें फिर से मतभेद का कारण बन सकती हैं, इसलिए धैर्य से काम लें.

शुक्र वक्री के दौरान जरूर करें ये अचूक उपाय

- प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और सफेद मिष्ठान का भोग लगाएं.

- प्रतिदिन 'ऊं शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.

- शुक्रवार के दिन चावल, दूध, दही, मिश्री या सफेद वस्त्रों का दान किसी गरीब या जरूरतमंद को करें.

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