Shardiya Navratri 2026 Day 1 Maa Shailputri Aarti: आज यानी 10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र पर्व का आरंभ हो गया है. पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शारदीय नवरात्र शुरू होता है. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. आज नवरात्र का पहला दिन है. इस दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है. मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है.
नवरात्र के पहले दिन भक्त कलश स्थापना के साथ माता की पूजा करते हैं. उन्हें फूल, फल, धूप, दीप तथा नैवेद्य अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है. वहीं, पूजा के समापन पर मां शैलपुत्री की आरती करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से माता का स्मरण करने और आरती करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे में यहां पढ़ें मां शैलपुत्री की संपूर्ण आरती.
शैलपुत्री माता की संपूर्ण आरती (Maa Shailputri Ki Aarti)
शैलपुत्री मां बैल सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
जय मां शैलपुत्री की, जय माता दी
मां शैलपुत्री के मंत्र (Maa Shailputri Mantra)
ऊं देवी शैलपुत्र्यै नमः
या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ऊं ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः
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