सावन पूर्णिमा तिथि को लेकर इस बार बहुत कन्फ्यूजन हो गया है. ऐसा पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण और भद्रा लगने की वजह से हुआ है. अब न तो लोगों को ये पता चल पा रहा है कि रक्षाबंधन कब है और न ही पूर्णिमा पर दान-स्नान की कोई जानकारी है. आइए आज आपको विस्तार से बताएंगे कि पूर्णिमा तिथि कब से कब तक रहने वाली है. इसका व्रत किस दिन रखा जाएगा. और पूर्णिमा पर स्नान-दान व रक्षाबंधन का त्योहार किस दिन मनाना ज्यादा उचित है.
सावन पूर्णिमा तिथि 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 09 मिनट से शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगी. पूर्णिमा तिथि पर व्रत उस दिन मान्य है, जब चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से दक्ष हो. इसलिए सावन पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त को रखना ही उचित है, क्योंकि इसी तारीख को पूर्णिमा में रात्रिकाल मिल रहा है.
पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय क्या है?
सावन पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय शाम 6 बजकर 34 मिनट पर बताया गया है. हालांकि देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में इसका समय अलग हो सकता है. पूर्णिमा तिथि पर व्रत रखकर चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है.
28 अगस्त को स्नान-दान का मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को सुबह 9:49 बजे समाप्त होगी. इसलिए व्रत रखने वालों को स्नान-दान सुबह ही करना होगा. ज्योतिषविदों द्वारा बताए गए मुहूर्त के अनुसार, सुबह 05:57 बजे से लेकर सुबह 7:33 बजे तक चल चौघड़िया रहेगा. इसके बाद सुबह 7:33 बजे से सुबह 9:10 बजे तक लाभ चौघड़िया मुहूर्त रहेगा. आप सुविधानुसार किसी भी शुभ घड़ी में स्नान-दान कर सकते हैं.
सावन पूर्णिमा की पूजन विधि
सावन पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें. इसके बाद सूर्य को जल अर्पित कर व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थान पर दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करें. दोनों को पुष्प अर्पित करें और भगवान विष्णु को तुलसी चढ़ाएं. इसके बाद सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है. पूजा के अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. फिर व्रत रखने वाले श्रद्धालु शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा की पूजा करें. कच्चे दूध और जल से अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है.
28 अगस्त को मनेगा रक्षाबंधन
सावन पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दरअसल, 27 अगस्त को पूरे दिन भद्रा का साया रहने वाला है. हालांकि 28 अगस्त की सुबह साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. लेकिन यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. इसलिए न तो इसका सूतक भारत में मान्य होगा और न ही राखी के त्योहार पर इसका कोई असर पड़ेगा.
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